कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा- मांग नहीं मानी गई तो 7 दिन बाद फिर लौटेंगे -शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी नई दिल्ली,(ईएमएस)। परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक की घटनाओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद रविवार को पार्टी ने सोशल मीडिया पर कार्यक्रम का वीडियो साझा करते हुए केंद्र सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है और चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए वीडियो के साथ लिखा कि शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई। पार्टी ने दावा किया कि यह केवल शुरुआत है और यदि जवाबदेही तय नहीं की गई तो आंदोलन का दायरा और बड़ा होगा। प्रदर्शन के दौरान सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले एक महीने से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही है, लेकिन इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही समस्याओं के बावजूद सरकार छात्रों और युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। आंदोलन को दिया जाएगा देशव्यापी स्वरुप कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने बयान में कहा है कि यदि सात दिनों के भीतर केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पद से नहीं हटाया गया तो अगले शनिवार को फिर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। साथ ही आंदोलन को देशव्यापी स्वरूप देने की भी चेतावनी दी गई है। अभिजीत दीपके ने कहा कि मौजूदा प्रदर्शन आंदोलन का अंत नहीं, बल्कि शुरुआत है। उन्होंने दावा किया कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो छात्रों और युवाओं की आवाज को देश के हर राज्य और शहर तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर युवाओं में बढ़ती नाराजगी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अनेक संगठन और समूह आए समर्थन में प्रदर्शन को विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक समूहों का भी समर्थन मिला। आंदोलन स्थल पर कई छात्र नेता मौजूद रहे। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के पक्षधर सोनम वांगचुक ने भी कार्यक्रम में पहुंचकर आंदोलन के प्रति समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि जब न्याय और जवाबदेही की मांगों को अनसुना किया जाता है, तब लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना आवश्यक हो जाता है। सीजेपी का यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब देश में परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और शिक्षा सुधार जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं और अभिभावकों में सरकार के प्रति नाराजगी जारी है। हिदायत/ईएमएस 07जून26