07-Jun-2026
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नवी मुंबई, (ईएमएस)। नवी मुंबई के न्यू पनवेल निवासी 51 वर्षीय एक लॉजिस्टिक्स प्रोफेशनल से ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1.09 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों के एक गिरोह ने खुद को एक प्रतिष्ठित वित्तीय सेवा कंपनी से जुड़ा बताकर पीड़ित को भारी मुनाफे का लालच दिया और फर्जी निवेश योजना के जरिए करोड़ों रुपये ऐंठ लिए। पुलिस के अनुसार, यह धोखाधड़ी 26 मार्च से 3 जून के बीच की गई। पीड़ित ने 26 मार्च को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक निवेश संबंधी विज्ञापन देखा, जिसमें ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के जरिए अधिक रिटर्न का दावा किया गया था। विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया। ग्रुप के एडमिन खुद को आर. वेंकट रमन और टीना मल्होत्रा बता रहे थे। पीड़ित ने शेयर ट्रेडिंग के बारे में अधिक जानकारी के लिए टीना मल्होत्रा से संपर्क किया। इसके बाद उसे डीएमए (डायरेक्ट मार्केट एक्सेस) अकाउंट खोलने के लिए एक लिंक भेजा गया और व्यक्तिगत जानकारी भरवाई गई। विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने उसे संबंधित कंपनी का सेबी पंजीकरण नंबर भी भेजा। इसके साथ ही एक मोबाइल ऐप डाउनलोड करवाया गया, जिसमें निवेश और मुनाफे का विवरण दिखाया जाता था। 2 अप्रैल से पीड़ित ने कथित तौर पर शेयर ट्रेडिंग शुरू की। उसे बताया गया कि निवेश राशि एक ऐसे बैंक खाते में जमा करनी है जो सेबी से संबंधित है। ऐप पर लगातार बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाई देता रहा, जिससे उसका भरोसा और मजबूत हो गया। 2 अप्रैल से 1 जून के बीच पीड़ित ने व्हाट्सएप ग्रुप में दिए गए सुझावों के आधार पर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.09 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने यह रकम शेयर खरीदने, ब्लॉक ट्रेडिंग, आईपीओ निवेश, ब्रोकरेज शुल्क, टैक्स और सिक्योरिटी डिपॉजिट जैसे विभिन्न कारण बताकर जमा करवाई। 1 जून को जब पीड़ित ने ऐप में दिख रहे मुनाफे की राशि निकालने की कोशिश की तो वह सफल नहीं हो सका। उसने टीना मल्होत्रा को कई बार संदेश भेजे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद 3 जून को वह संबंधित कंपनी के अंधेरी स्थित कार्यालय पहुंचा। वहां उन्हें पता चला कि कंपनी में टीना मल्होत्रा नाम की कोई कर्मचारी नहीं है और उसके नाम से कोई डीएमए अकाउंट भी पंजीकृत नहीं किया गया है। खुद के साथ हुई ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीसीआरपी) पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर नवी मुंबई साइबर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। नवी मुंबई साइबर पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक विशाल पाटिल ने कहा कि जिन बैंक खातों में पीड़ित से पैसे ट्रांसफर करवाए गए, उनकी पहचान कर उन्हें फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि साइबर ठग पहले पीड़ितों से एक खाते में पैसा जमा करवाते हैं और फिर उस रकम को कई अन्य खातों में ट्रांसफर कर देते हैं, जिससे जांच और रकम की बरामदगी मुश्किल हो जाती है। - ०६ जून/२०२६/ईएमएस