निर्माण एजेंसी की लापरवाही, ठेका कंपनी नहीं कर रही समय पर पूरा काम, आम नागरिकों को गम्भीर समस्या मंडला (ईएमएस)। शहर में सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य पूर्ण होने के बाद भी घरों के कनेक्शन अधूरे छोड़ दिए गए हैं। जहां कनेक्शन हुए वहां घटिया स्तर का पीव्हीसी पाइप लगा दिए गए है। इसके चलते घरो से निकलने वाला सीवर पाइप से लीकेज हो रहा है और नालियो से बह रहा है। यहां तक ठेका कंपनी के द्वारा अभी शत प्रतिशत घरेलू कनेक्शन तक नहीं किए गए है। जिससे नागरिकों को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण एजेंसी एमपीयूीसी का इस ओर ध्यान नहीं दे रही है, जिससे स्थानीय निवासियों में असंतोष है। आने वाले मानसून में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। बारिश के दौरान रिसाव वाले स्थानों पर गंदा पानी जमा होने से जलभराव की स्थिति उत्पन्न होगी। जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। सड़कों पर गंदे पानी के जमाव से यातायात में भी बाधा आएगी और राहगीरों को परेशानी होगी। नागरिकों ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित निर्माण एजेंसी और नगर पालिका के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया है लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अधूरे सीवरेज कनेक्शनों के कारण घरों से निकलने वाला अपशिष्ट पानी सीधे नलियों में बह रहा है, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण एजेंसी को जल्द ही सभी अधूरे सीवरेज कनेक्शन पूरे करने और रिसाव की समस्या का स्थायी समाधान करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि आगामी बारिश में उन्हें अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े। वार्डो में बनेगी जल प्लावन की समस्या सीवरेज लाइन के शत प्रतिशत कनेक्शन नहीं होने से बारिश के सीजन में वार्डो में जल प्लावन की समस्या का सामना करना पड़ेगा। सरदार पटेल, ईडन गार्डन रानी अवंती बाई और बुधवारी क्षेत्र में स्थिति खराब है। यहां पानी निकासी के लिए बनाई गई नालियां भी खराब हो चुकी है घरो का सीवरेज के लिए जोड़ी गए कनेक् शन भी फेल हो रहे है। इससे सड़क गंदगी फैलने का अंदेशा बना हुआ है। इसके बाद भी ठेका कंपनी के द्वारा कोई काम नहीं किया जा रहा है। नपा लिख चुकी निर्माण एजेंसी को पत्र नगर पालिका परिषद सीएमओ ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त सहित उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है। बताया है कि 24 वार्डों में हाउस सर्विस चैंबर और जीटी कनेक्शन का काम अधूरा है। इसके चलते मंडला शहर को वॉटर प्लस सर्टिफि केशन भी नहीं मिला है। यानी कि नगरीय निकाय के सभी घरो का सीवर अभी तक एसटीपी में नहीं पहुंच रहा है। यहां तक एसटीपी में अभी तक स्काडा का काम पूरा नहीं हुआ है। पूरी तरह से एसटीपी काम नहीं कर रहा है।