राष्ट्रीय
08-Jun-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। भागदौड़ भरे इस दौर में मानसिक और शारीरिक तनाव लोगों की आम समस्या बनता जा रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा दैनिक दिनचर्या में योग और सरल शारीरिक गतिविधियों को शामिल करने की सलाह दी है। इस बारे में आयुष मंत्रालय का कहना है कि आधुनिक जीवन में हमारा मस्तिष्क लगातार बड़ी मात्रा में सूचनाओं को संसाधित करता रहता है, जिससे शरीर और मन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसका असर तनाव, मांसपेशियों में जकड़न, थकान और शरीर के विभिन्न हिस्सों में दर्द के रूप में दिखाई देता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, तनाव को शरीर में स्थायी रूप से जमा होने से रोकना बेहद जरूरी है। विशेष रूप से गर्दन, कंधों और पीठ में तनाव सबसे अधिक महसूस किया जाता है। ऐसे में दिनभर के कार्यों के बीच कुछ मिनट का विराम लेकर गहरी सांसें लेने और स्वयं को मानसिक रूप से रीसेट करने की आदत लाभदायक साबित हो सकती है। मंत्रालय का मानना है कि हल्के-फुल्के योग अभ्यास और सरल मूवमेंट्स शरीर को सक्रिय रखने के साथ-साथ मन को भी शांत और संतुलित बनाए रखते हैं। मंत्रालय ने कुछ ऐसे आसान अभ्यास सुझाए हैं जिन्हें किसी विशेष उपकरण या स्थान की आवश्यकता के बिना कहीं भी किया जा सकता है। इनमें ट्रंक ट्विस्टिंग, नी मूवमेंट, शोल्डर मूवमेंट और नेक मूवमेंट प्रमुख हैं। ट्रंक ट्विस्टिंग के दौरान कमर को दाएं और बाएं घुमाया जाता है, जिससे पीठ और कमर की जकड़न कम होती है। यह अभ्यास रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने के साथ-साथ पाचन क्रिया को भी बेहतर बनाने में मदद करता है। इसी तरह नी मूवमेंट में घुटनों को हल्के ढंग से घुमाया या ऊपर-नीचे किया जाता है। यह पैरों और घुटनों में होने वाली अकड़न को दूर करने में सहायक है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं। शोल्डर मूवमेंट के तहत कंधों को आगे-पीछे और गोलाकार घुमाया जाता है, जिससे कंधों तथा गर्दन के ऊपरी हिस्से में जमा तनाव कम होता है। वहीं नेक मूवमेंट में गर्दन को धीरे-धीरे विभिन्न दिशाओं में घुमाया जाता है, जिससे लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठने से होने वाले दर्द और असुविधा में राहत मिलती है। सुदामा/ईएमएस 08 जून 2026