नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय रसोई में रोटी बनाने का तरीका अधिकांश घरों में लगभग एक जैसा होता है, लेकिन उसे सेंकने के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ लोग रोटी को तवे पर ही कपड़े की मदद से फुलाते हैं, जबकि कई लोग उसे सीधे गैस की आंच पर फुलाना पसंद करते हैं। इसी को लेकर लंबे समय से एक बहस चलती रही है कि क्या सीधे आग पर सेकी गई रोटी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होती है और क्या इससे कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इस विषय पर प्रमाणित न्यूट्रिशनिस्ट अशिमा अचंतानी ने लोगों के बीच फैली भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया है। उनका कहना है कि आमतौर पर एलपीजी गैस स्वच्छ रूप से जलती है और इसके दहन से मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड तथा जलवाष्प उत्पन्न होते हैं। इसलिए गैस की आंच पर रोटी फुलाने से उस पर बनने वाले हल्के भूरे या काले धब्बे सामान्य रूप से स्वास्थ्य के लिए कोई गंभीर खतरा पैदा नहीं करते हैं। हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करती हैं कि किसी भी खाद्य पदार्थ को अत्यधिक जलाना स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं माना जाता। जब भोजन जरूरत से ज्यादा जल जाता है, तब उसमें कुछ ऐसे रासायनिक यौगिक बन सकते हैं जो लंबे समय तक अधिक मात्रा में सेवन किए जाने पर स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ा सकते हैं। इसलिए रोटी हो या कोई अन्य खाद्य पदार्थ, उसे अत्यधिक जलाकर खाना सही नहीं है। न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार लोगों को कुछ सावधानियां अवश्य बरतनी चाहिए। सबसे पहले भोजन को जरूरत से ज्यादा जलाने से बचना चाहिए। नियमित रूप से बहुत अधिक जली हुई रोटियां खाने की आदत नहीं बनानी चाहिए। इसके साथ ही संतुलित आहार पर ध्यान देना जरूरी है, जिसमें पर्याप्त मात्रा में फल, सब्जियां, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट शामिल हों। ऐसा आहार शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करने के साथ कई बीमारियों के जोखिम को भी कम करने में मदद करता है। स्वस्थ रोटी बनाने के लिए विशेषज्ञ सलाह देती हैं कि रोटी को अधिकतर समय तवे पर ही पकाया जाए। यदि उसे फुलाने के लिए सीधे आंच का उपयोग करना हो तो केवल कुछ सेकंड के लिए ही करें। रोटी पर अत्यधिक काले या जले हुए हिस्से बनने से बचें। इसके अलावा रोटी को संतुलित भोजन का हिस्सा बनाते हुए दाल, पनीर, दही, दालों या अन्य प्रोटीन स्रोतों तथा हरी सब्जियों के साथ खाएं। सुदामा/ईएमएस 08 जून 2026