धमतरी(ईएमएस)। जिले के पथर्री नाला पर बना पुल पांच साल पहले बारिश में बह जाने के बाद अब तक पुनर्निर्मित नहीं किया गया है। पुल नहीं बनने से आसपास के गांवों के ग्रामीणों को रोजमर्रा की आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जब बच्चों का स्कूल जाना भी प्रभावित हो जाता है। पुलिया निर्माण की मांग को लेकर सरपंच दुलार सिंह गनियार और पंचायत सचिव बीआर सिन्हा कलेक्टोरेट पहुंचे और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि पठार क्षेत्र के आश्रित गांव सोनारिन दैहान और पठार के बीच स्थित पथर्री नाला पर यह पुल पहले से बना हुआ था, लेकिन पांच वर्ष पूर्व भारी बारिश में यह पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर बह गया। तब से अब तक ग्रामीण लगातार पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन किसी स्तर पर स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि हर बार आश्वासन तो मिलता है, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ता, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर पुल न होने के कारण बच्चों को पढ़ाई के लिए पंचायत मुख्यालय पठार तक जोखिम उठाकर पहुंचना पड़ता है। इसी क्षेत्र में राशन दुकान, उप-स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत कार्यालय और पटवारी मुख्यालय भी स्थित हैं, जिसके कारण ग्रामीणों की निर्भरता पूरी तरह इसी मार्ग पर है। बरसात के दिनों में नाले का जलस्तर बढ़ने पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है, जिससे गांवों का संपर्क मुख्यालय से कट जाता है। इससे स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और दैनिक जरूरतें गंभीर रूप से प्रभावित होती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कर पुल निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है, ताकि आने वाले मानसून में किसी भी तरह की आपात स्थिति से बचा जा सके। सत्यप्रकाश(ईएमएस)10 जून 2026