जयपुर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल एवं दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश में प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है। यह योजना लाखों रेहड़ी-पटरी एवं फुटपाथ विक्रेताओं को आर्थिक संबल तो प्रदान कर ही रही है, साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर, स्वावलंबी और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में योजना के तहत पात्र 3 लाख 62 हजार 565 आवेदकों में से अब तक 3 लाख 6 हजार 255 लाभार्थियों को 439 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया जा चुका है। इनमें से 3 लाख से अधिक लाभार्थियों को 428 करोड़ 93 लाख रुपये से अधिक की राशि का ऋण वितरण भी किया जा चुका है। यह उपलब्धि प्रदेश की डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता और प्रभावी कार्यान्वयन का सशक्त प्रमाण है। उल्लेखनीय है कि अब तक प्रदेश के 1 लाख 64 हजार से अधिक स्वनिधि योजना के लाभार्थियों ने समय पर अपना ऋण चुकाकर आर्थिक अनुशासन और आत्मसम्मान का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। पीएम स्वनिधि योजना समय पर और शीघ्र ऋण चुकाने को प्रोत्साहित करती है। इसके तहत लाभार्थियों को 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाती है। राजस्थान में समय पर ऋण पुनर्भुगतान करने वाले लाभार्थियों के खातों में अब तक 6 करोड़ 57 लाख रुपये से अधिक की ब्याज सब्सिडी सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। इसके अलावा, अपने ऋण को समय पर चुकता करने वाले रेहड़ी पटरी लगाने वाले विक्रेता अगले चरण में अधिक राशि के ऋण के लिए पात्र हो जाते हैं। पीएम स्वनिधि योजना की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जयपुर शहर में 60 हजार से अधिक तो वहीं, जोधपुर शहर में 18 हजार से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स ने इस योजना के लिए आवेदन किया है। इतना ही नहीं बीकानेर शहर में 14 हजार 68 , अजमेर शहर में 13 हजार 165, उदयपुर शहर में 10 हजार 665 सहित भीलवाड़ा, अलवर, श्रीगंगानगर, भरतपुर, हनुमानगढ़, ब्यावर और सवाईमाधोपुर शहरों के अलावा बाड़मेर, मकराना, दौसा, जैसलमेर, बालोतरा, सरदारशहर, राजसमंद, झालावाड़ा, सूरतगढ़, करौली सरीखे छोटे निकायों में भी हजारों की संख्या में स्ट्रीट वेंडर्स इस योजना के लाभांवित हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में अब तक 84 फीसदी से अधिक आवेदकों को योजना के तहत ऋण स्वीकृत किया जा चुका है वहीं, शेष आवेदकों को ऋण वितरण के लिए आवश्यक कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।स्ट्रीट वेंडर्स शहरी अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। वर्षों तक इन छोटे कारोबारियों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से ऋण नहीं मिल पाता था और उन्हें ऊंची ब्याज दरों पर साहूकारों से कर्ज लेने को मजबूर होना पड़ता था।इन्हीं चुनौतियों को दूर करने के उद्देश्य से जून 2020 में प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना शुरू की गई। यह देश की पहली ऐसी सूक्ष्म वित्तीय योजना है, जो विशेष रूप से स्ट्रीट वेंडर्स के लिए तैयार की गई और जिसे केंद्र सरकार की क्रेडिट गारंटी का संरक्षण प्राप्त है। अशोक शर्मा/ 4:10 बजे/ 10 जून 2026