इंदौर (इएमएस)। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में पिता को अपनी दो बेटियों की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च वहन करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे व्यवहार में भी लागू किया जाना आवश्यक है। मामला भरण-पोषण से जुड़ी याचिका का है, जिसमें मां ने बेटियों की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता की मांग की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि दोनों बेटियां मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे पेशेवर पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर रही हैं, जिन पर लगभग 46.26 लाख रुपये का खर्च आएगा। कोर्ट ने पिता को यह राशि वहन करने का आदेश दिया। साथ ही निर्देश दिया कि समय पर भुगतान नहीं होने पर राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। अदालत ने कहा कि बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना अभिभावकों की जिम्मेदारी है। नंदिनी पारसी \ १० मई २०२६