- सेंसेक्स 200 अंक टूटा, निफ्टी 23,100 के करीब मुंबई (ईएमएस)। भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता का सामना किया, जब अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की धारणा को कमजोर कर दिया। सुबह के कारोबार में, प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, खासकर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भारी बिकवाली देखी गई। वैश्विक स्तर पर जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण निवेशकों ने सुरक्षित ठिकानों की ओर रुख किया, जिससे भारतीय इक्विटी बाजार पर दबाव बढ़ गया। सुबह शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 311.08 अंक की गिरावट के साथ 73,672.10 पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी भी 86.20 अंक फिसलकर 23,128.75 के स्तर पर आ गया। घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बीएसई का सेंसेक्स हरे निशान में बंद हुआ जिसमें निजी बैंकों में हुई लिवाली का विशेष योगदान रहा। सेंसेक्स की शुरुआत बढ़त के साथ हुई थी और बीच कारोबार में यह 694 अंक चढ़ गया था। लेकिन उसके बाद शुरू हुई मुनाफावसूली के दबाव में गिरते हुए कुछ देर के लिए लाल निशान में चला गया। अंत में पिछले कारोबारी दिवस के मुकाबले 64.42 अंक (0.09 प्रतिशत) ऊपर 73,983.18 अंक पर बंद हुआ। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका द्वारा ईरान पर नए हमलों और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के कड़े बयानों ने वैश्विक निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसका सीधा असर एशियाई बाजारों सहित भारतीय बाजार पर भी पड़ा है। सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो, निफ्टी 50 में आईटी सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक दबाव देखा गया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2 फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ दिन का सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बन गया। एचसीएलटेक, इंफोसिस और टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज आईटी शेयरों में शुरुआती कारोबार में प्रमुख नुकसान दर्ज किया गया। इनके अलावा, कंज्यूमर ड्यूरेबल, ऑटो और केमिकल सेक्टर के शेयरों में भी बिकवाली हावी रही। हालांकि, बाजार की इस कमजोरी के बावजूद फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन करते नजर आए। निवेशकों ने अनिश्चित माहौल में सुरक्षात्मक माने जाने वाले इन सेक्टरों में निवेश को प्राथमिकता दी। वृहद बाजार में भी गिरावट का माहौल बना रहा, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.42 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.20 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जो बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली का संकेत था। सतीश मोरे/11जून ---