सेन डियागो (ईएमएस)। अमेरिकि, कनाडा और मैक्सिको में संयुक्त रुप से हो रहे टी20 विश्कवकप में पिछले बार से भी अधिक इनामी राशि मिलेगी। वहीं अगर टी20 क्रिकेट विश्वकप से तुलना की जाये तो फीफा विश्व की इनामी राशि 60 गुना अधिक है। इस प्रकार देखा जाये तो क्रिकेट और फुटबॉल जैसे दो सबसे लोकप्रिय खेलों के विश्वक कप की इनामी राशि में भारी अंतर है। जिससे सभी हैरान हैं। फीफा विश्व कप 2026 में इस बार कुल 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं। टूर्नामेंट से पहले ही फीफा ने इस साल की इनामी राशि घोषित कर दी है। जिसमें पिछली बार के मुकाबले लगभग 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़त हुई है। पिछली बार 2022 में फीफा वर्ल्ड प अर्जेंटीना ने खिताब जीता था, और उस समय कुल इनामी राशि 440 मिलियन डॉलर थी। वहीं साल 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 655 मिलियन डॉलर (लगभग 6241 करोड़ रुपये) तक पहुंच गया है। अब अगर इस विशाल राशि की तुलना हाल ही में संपन्न हुए टी20 विश्व कप 2026 से करें, तो यह अंतर और भी हैरान करने वाला हो जाता है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने भारत में आयोजित टी20 विश्व कप 2026 जीतकर लगातार दूसरी बार खिताब जीता था। ऐसे में उसे कुल प्राइज मनी 11.25 मिलियन डॉलर में से विजेता के तौर पर 2.63 मिलियन डॉलर (लगभग 24.28 करोड़ रुपये) मिले थे। वहीं फीफा विश्व कप 2026 की कुल प्राइज मनी टी20 वर्ल्ड कप की तुलना में 60 गुना अधिक है। इतना ही नहीं, फीफा विश्व कप में 33वें से 48वें स्थान पर रहने वाली टीमों को भी 9-9 मिलियन डॉलर (लगभग 86 करोड़ रुपये) का इनाम मिलेगा, जो टी20 वर्ल्ड कप 2026 विजेता टीम इंडिया को मिली राशि से तीन गुना से भी ज्यादा है। और अगर हम फीफा वर्ल्ड कप 2026 के चैंपियन की इनामी राशि देखें, तो विजेता टीम को 50 मिलियन डॉलर (लगभग 476 करोड़ रुपये) मिलेंगे। ये टी20 वर्ल्ड कप विजेता टीम की राशि से 19 गुना अधिक है। उप-विजेता टीम को भी 33 मिलियन डॉलर यानी 314 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। वहीं तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 29 मिलियन डॉलर (लगभग 276 करोड़ रुपये) मिलेंगे। चौथे स्थान पर 27 मिलियन डॉलर (लगभग 257 करोड़ रुपये) जबकि 5वें से 8वें स्थान तक: 19 मिलियन डॉलर (लगभग 181 करोड़ रुपये)। 9वें से 16वें स्थान तक: 15 मिलियन डॉलर (लगभग 143 करोड़ रुपये)। 17वें से 32वें स्थान तक: 11 मिलियन डॉलर (लगभग 105 करोड़ रुपये) और 33वें से 48वें स्थान तक: 9 मिलियन डॉलर (लगभग 86 करोड़ रुपये) दिये जाएंगे। गिरजा/ईएमएस 11 जून 2026