11-Jun-2026
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होर्मुज में लगातार बढ़ रहा है संकट नई दिल्ली,(ईएमएस)। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां ओमान तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए अमेरिकी हमले में दो भारतीय नाविकों की दर्दनाक मृत्यु हो गई है। इस भीषण हमले के बाद से जहाज के चीफ इंजीनियर भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। समुद्री कंपनियों और यूनियनों के हवाले से इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना और इसमें हुए हताहतों की पुष्टि कर दी गई है। इस हमले का शिकार हुए पलाऊ के झंडे वाले कॉमर्शियल शिप एमटी सेटेबेलो पर कुल 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। खाड़ी क्षेत्र में लगातार गहराते विवाद और बढ़ते सैन्य तनाव के बीच हुई इस हिंसक घटना ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। इस दुखद घटना में अपनी जान गंवाने वाले भारतीय नाविकों की पहचान हिमाचल प्रदेश के रहने वाले 23 वर्षीय आदित्य शर्मा और देवरिया, उत्तर प्रदेश के रहने वाले शिवानंद चौरसिया के रूप में हुई है। वहीं, आंध्र प्रदेश के रहने वाले चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश का घटना के बाद से अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। संबंधित एजेंसियां और ओमान के स्थानीय बचाव दल लापता नाविक की सुरक्षित वापसी के लिए लगातार सघन तलाश अभियान चला रहे हैं। राहत की बात यह है कि ओमान के अधिकारियों के साथ मिलकर चलाए गए त्वरित सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में जहाज पर सवार 24 भारतीयों में से 21 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इस घटना में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आया है कि पहले निशाना बनाए गए कुछ अन्य जहाजों के विपरीत, एमटी सेटेबेलो अमेरिकी प्रतिबंधों की किसी ब्लैकलिस्ट में शामिल नहीं था। यह हमला अमेरिकी नौसेना द्वारा दो दिन पहले किए गए एक अन्य हमले के ठीक बाद हुआ है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस सैन्य कार्रवाई की बात स्वीकार करते हुए दलील दी है कि यह जहाज ईरान से तेल ले जाने की कोशिश कर रहा था और इस तरह ईरानी बंदरगाहों पर लागू अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था। इस बीच, भारत सरकार ने इस गंभीर घटना पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। भारत ने अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को तलब कर इस हमले को लेकर अपना कड़ा विरोध और नाराजगी दर्ज कराई है। नई दिल्ली ने दो टूक शब्दों में कहा कि पश्चिम एशिया के संवेदनशील क्षेत्रों में वाणिज्यिक नौवहन और असैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का सिलसिला तुरंत बंद होना चाहिए। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर बिना किसी रुकावट के जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए। भारतीय विदेश मंत्रालय ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा है कि सरकार प्रभावित परिवारों के संपर्क में है और लापता नागरिक को ढूंढने तथा सुरक्षित बचे लोगों की मदद के लिए हर संभव कूटनीतिक और व्यावहारिक प्रयास किए जा रहे हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/11जून2026