राष्ट्रीय
11-Jun-2026
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सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश कल्लाहल्ली ने शिकायत की नई दिल्ली,(ईएमएस)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे इस समय एक नई चिंता में घिरे गए हैं। मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद, अब कर्नाटक में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के खिलाफ भी इसी तरह की शिकायत दर्ज हुई है। कर्नाटक विधानसभा सचिवालय में सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश कल्लाहल्ली ने शिकायत की है कि खरगे ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने नामांकन पत्र में कुछ अनिवार्य जानकारियां कथित तौर पर छिपाई हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खरगे ने अपने चुनावी हलफनामे में सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट के साथ अपने संबंधों का खुलासा नहीं किया है। रिपोर्ट के अनुसार, सामाजिक कार्यकर्ता कल्लाहल्ली ने बताया कि जनप्रतिनिधित्व कानून के प्रावधानों के तहत उम्मीदवारों को अपनी वित्तीय स्थिति, किसी संगठन में प्राप्त पद, प्रबंधन अधिकार और ट्रस्टों तथा अन्य संस्थानों से संबंधों के बारे में स्पष्ट जानकारी देना अनिवार्य होता है। कल्लाहल्ली के अनुसार, इस तरह की जानकारी छिपाना कानून का उल्लंघन होता है। लेकिन अब कांग्रेस के लिए यह स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि मध्य प्रदेश में मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी रद्द होने से पार्टी को पहले ही झटका लग चुका है, इसका सीधा फायदा भाजपा को मिला और उसके प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए है। यदि खरगे के नामांकन में भी कोई गड़बड़ी मिलती है, तब उनके सामने भी कानूनी संकट खड़ा हो सकता है। खरगे ने 5 जून को कर्नाटक से राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन भरा था, और उनका मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल इसी महीने समाप्त हो रहा है। हालांकि कर्नाटक में राज्यसभा की चार सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। कांग्रेस ने खरगे सहित तीन उम्मीदवारों (पवन खेड़ा और मंसूर अली खान) को टिकट दिया है, जबकि भाजपा ने प्रोफेसर एम नागराजा को उम्मीदवार बनाया है। विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस और भाजपा दोनों ने उतने ही प्रत्याशी उतारे हैं, जो कि निर्विरोध चुने जा सकते हैं। बावजूद इसके, खरगे के नामांकन पर उठ रहे सवाल कांग्रेस के लिए एक नई चुनौती बन गए हैं। आशीष दुबे / 11 जून 2026