भोपाल(ईएमएस)। एम्स भोपाल लगातार रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने और नवाचार आधारित चिकित्सा सुविधाओं के विकास की दिशा में कार्य कर रहा है। इसी क्रम में टाटा मेमोरियल अस्पताल, मुंबई के निदेशक डॉ. पंकज चतुर्वेदी एवं टाटा मेमोरियल अस्पताल के प्रोफेसर एमेरिटस (पैथोलॉजी) डॉ. सुमित गुजराल ने एम्स भोपाल में नवस्थापित कैंसर एजुकेशन एंड पेशेंट एम्पावरमेंट (CAPE) सुविधा का दौरा किया। यह दौरा मध्य भारत में कैंसर जागरूकता, रोगी शिक्षा, वित्तीय सशक्तिकरण तथा कैंसर से जुड़े सामाजिक कलंक को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर, कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ, एम्स भोपाल के दूरदर्शी नेतृत्व में स्थापित CAPE सुविधा एक अभिनव मॉडल है, जिसका उद्देश्य कैंसर मरीजों और उनके परिजनों को शिक्षा, परामर्श, सहयोग सेवाओं तथा शोध-आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से सशक्त बनाना है। दौरे के दौरान डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि कैंसर देखभाल केवल उपचार तक सीमित नहीं है। मरीजों को सही जानकारी देना, परिवारों को सशक्त बनाना, सामाजिक कलंक को कम करना और रोगियों को उनकी उपचार यात्रा में मार्गदर्शन प्रदान करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एम्स भोपाल की CAPE सुविधा रोगी-केंद्रित कैंसर देखभाल का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श मॉडल बन सकती है। उन्होंने इस पहल के लिए प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर एवं सर्जिकल ऑन्कोलॉजी टीम को बधाई दी। CAPE सुविधा का उद्देश्य कैंसर की रोकथाम, प्रारंभिक पहचान, स्क्रीनिंग, उपचार विकल्पों, सर्वाइवरशिप, पुनर्वास, पोषण तथा सहायक देखभाल से संबंधित वैज्ञानिक एवं प्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराना है। इसका एक महत्वपूर्ण घटक वित्तीय सशक्तिकरण भी है, जिसके अंतर्गत मरीजों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, बीमा लाभों तथा सहायता कार्यक्रमों के बारे में मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। यह केंद्र गुणात्मक शोध एवं स्वास्थ्य डेटा विश्लेषण के मंच के रूप में भी कार्य करेगा। इसके माध्यम से रोगियों के अनुभवों, देखभालकर्ताओं की चुनौतियों, स्वास्थ्यकर्मियों के दृष्टिकोण, उपचार में आने वाली बाधाओं, मनोसामाजिक समस्याओं तथा स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की कमियों का अध्ययन किया जाएगा। साथ ही, जागरूकता अभियानों और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से कैंसर से जुड़े सामाजिक कलंक को कम करने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे। इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर ने कहा कि एम्स भोपाल का उद्देश्य मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं के केंद्र में रखना है। उन्होंने कहा कि CAPE सुविधा की स्थापना इस सोच के साथ की गई है कि मरीजों को उत्कृष्ट उपचार के साथ-साथ सही जानकारी, आत्मविश्वास और आवश्यक सहयोग भी प्राप्त हो, जिससे वे कैंसर जैसी चुनौतीपूर्ण बीमारी का सामना सम्मान और आशा के साथ कर सकें। उन्होंने कहा कि जागरूक और सशक्त मरीज अपने उपचार में सक्रिय भागीदार बनते हैं और बेहतर परिणाम प्राप्त करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस पहल की शुरुआत ऑन्कोलॉजी विभाग से इसलिए की गई है क्योंकि कैंसर मरीजों को अक्सर चिकित्सकीय, सामाजिक, भावनात्मक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। संस्थान का दीर्घकालिक लक्ष्य इस मॉडल को अन्य विभागों तक विस्तारित करना है, ताकि रोगी शिक्षा और सशक्तिकरण एम्स भोपाल की प्रत्येक स्वास्थ्य सेवा का अभिन्न हिस्सा बन सके। यह CAPE सुविधा मध्य प्रदेश एवं मध्य भारत के हजारों कैंसर मरीजों को लाभान्वित करेगी तथा शिक्षा, जागरूकता, शोध, परामर्श, वित्तीय मार्गदर्शन और सामाजिक सहयोग को नियमित कैंसर देखभाल का हिस्सा बनाकर एक व्यापक सहयोगी तंत्र विकसित करेगी। हरि प्रसाद पाल / 11 जून, 2026