11-Jun-2026
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- ट्रैक्टर सीज होने के बावजूद जेल पुल के नीचे धड़ल्ले से चल रहा बालू का काला खेल! धर्मेन्द्र राघव अलीगढ़ (ईएमएस)। जिले में प्रशासनिक कार्रवाई के नाम पर जनता की आंखों में धूल झोंकने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कुछ दिनों पहले जेल पुल के नीचे अवैध रोड़ी, बालू और बदरपुर की दुकान पर एसीएम प्रथम और जिला खनन अधिकारी की संयुक्त टीम ने मिलकर बड़ी छापेमारी की थी। मौके से अवैध परिवहन कर रहे ट्रैक्टरों को सीज कर बड़ी-बड़ी चेतावनियां दी गई थीं,लेकिन आज जमीनी हकीकत यह है कि साहबों की उस कड़क कार्रवाई का असर शून्य साबित हुआ है। दबंग दुकानदार ने अधिकारियों की कार्रवाई को ठेंगा दिखाते हुए उसी जगह पर दोबारा सरेआम दुकान खोल दी है। ट्रैक्टर सीज होने के बाद भी यह दुकान बंद होना तो दूर, अब दोगुनी रफ्तार से बिना किसी खौफ के चलाई जा रही है, जो सीधे तौर पर अधिकारियों के साथ मैच फिक्सिंग की बू दे रही है। कार्रवाई सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए थी इस खुली चुनौती के बाद अब जनता में एसीएम प्रथम और खनन अधिकारी की कार्यप्रणाली के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोग सीधे तौर पर इस पूरी कार्रवाई को महज एक दिखावा और फिक्सिंग करार दे रहे हैं। साहबों की धमक कमजोर या माफिया के हौसले बुलंद? जब एसीएम प्रथम जैसी बड़ी प्रशासनिक पावर और खनन अधिकारी खुद मौके पर मौजूद थे, तो उनकी कार्रवाई के महज कुछ दिनों बाद ही उसी सीज शुदा जगह पर दोबारा कारोबार शुरू करने की हिम्मत कैसे हुई? दिखावे की रेड क्यों? जनता पूछ रही है कि क्या वह कार्रवाई सिर्फ अखबारों में नाम चमकाने और कागजी कोरम पूरा करने के लिए की गई थी? किसकी जेब गरम हुई? जेल पुल जैसे व्यस्त इलाके में, सरकारी कार्रवाई की धज्जियां उड़ाकर सरेआम दुकान चलना सीधे तौर पर अधिकारियों की मिलीभगत की तरफ इशारा कर रहा है। जाम और गंदगी से जनता त्रस्त, अब होगा आर-पार का विरोध इस अवैध दुकान के कारण जेल पुल के नीचे दिनभर जाम लगा रहता है, भारी वाहनों की वजह से राहगीरों का निकलना दूभर है और उड़ती धूल ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब शहर के बड़े अधिकारी यानी एसीएम प्रथम और खनन अधिकारी ही माफिया के सामने लाचार नजर आ रहे हैं, तो जनता न्याय के लिए कहाँ जाए? अधिकारियों के इस ढुलमुल रवैये के खिलाफ अब जनता ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। सीधा प्रहारः अलीगढ़ की जनता अब सीधे एसीएम प्रथम और खनन अधिकारी से जवाब मांग रही है कि साहब! आपके सीज किए गए आदेश की कीमत इस दुकानदार की नजर में दो कौड़ी की भी नहीं है? क्या आप अपनी कुर्सी और कलम की धमक दिखाते हुए इस अवैध दुकान पर दोबारा कानूनी बुलडोजर चलाएंगे, या फिर माफिया से मैच फिक्सिंग कर तमाशा देखते रहेंगे? ईएमएस/ धर्मेन्द्र राघव/ 11 जून 2026