अलीगढ़ (ईएमएस)। जिले में मानवता और तत्परता की एक मिसाल पेश करते हुए 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने अपनी सजगता से एक 22 वर्षीय युवक की जान बचा ली। एंबुलेंस स्टाफ द्वारा किए गए इस त्वरित और सराहनीय कार्य की हर तरफ प्रशंसा हो रही है। तेज रफ्तार बस ने युवक को कुचला मिली जानकारी के अनुसार, विशाल कुमार (उम्र 22 वर्ष) नाम का युवक रेखा झील और वामन खेड़ा के बीच से गुजर रहा था, तभी एक अज्ञात तेज रफ्तार बस ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि बस का पहिया युवक के पैर को कुचलता हुआ निकल गया। दुर्घटना को अंजाम देकर बस चालक मौके से फरार हो गया। युवक सड़क पर लहूलुहान हालत में तड़प रहा था। 10 से 12 मिनट में मौके पर पहुंची एंबुलेंस घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस सेवा ने बिना एक पल गंवाए एक्शन लिया। महज 10 से 12 मिनट के रिकॉर्ड समय में एंबुलेंस टीम घटना स्थल पर पहुंच गई। डॉक्टरों की सलाह पर मिला ऑन-स्पॉट प्राथमिक उपचार एंबुलेंस में तैनात ईएमटी अजीत कुमार सिंह ने बिना समय गंवाए घायल विशाल की स्थिति को संभाला। अत्यधिक खून बहने से रोकने के लिए उन्होंने तत्काल लखनऊ के डॉक्टरों से फोन पर संपर्क साधा और उनके दिशा-निर्देशों के अनुसार मरीज को लाइफ-सेविंग प्राथमिक उपचार देना शुरू किया। पंडित दीनदयाल अस्पताल में कराया भर्ती वहीं, एंबुलेंस के चालक दिनेश पाल सिंह ने सूझबूझ और तेजी का परिचय देते हुए बिना समय गंवाए एंबुलेंस को सीधे पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल पहुंचाया। समय पर अस्पताल पहुंचने और रास्ते में ही उचित प्राथमिक उपचार मिल जाने के कारण घायल युवक को समय रहते डॉक्टरों की निगरानी में लाया जा सका, जहां उसका इलाज चल रहा है। सराहनीय कार्यः संकट की घड़ी में एंबुलेंस कर्मी अजीत कुमार सिंह और चालक दिनेश पाल सिंह द्वारा दिखाई गई यह तत्परता साबित करती है कि संकट में फंसे लोगों के लिए यह आपातकालीन सेवाएं किसी जीवनदान से कम नहीं हैं। ईएमएस/ धर्मेन्द्र राघव/ 11 जून 2026