- बाघों के भोजन के लिए भैंसे चुरा रहे माधव टाइगर रिजर्व के कर्मचारी शिवपुरी(ईएमएस)। माधव टाइगर रिजर्व के कर्मचारियों पर ग्रामीणों की भैंसें चोरी कर बाघों के लिए इस्तेमाल किए जाने के गंभीर आरोपों को लेकर गुरुवार को शिवपुरी में गुर्जर समाज का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। ग्वालियर-चंबल संभाग से हजारों की संख्या में पहुंचे समाजजनों ने गांधी पार्क से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शन के दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि सुरवाया क्षेत्र से पिछले डेढ़ वर्ष में करीब 100 भैंसें और उनके बच्चे रहस्यमय तरीके से गायब हुए हैं। उनका दावा है कि एक बुजुर्ग ग्रामीण ने हाल ही में एक भैंस के बच्चे को डीसीएम वाहन में ले जाते हुए देखा, जिसके बाद ग्रामीणों का संदेह और गहरा गया। ग्रामीणों का कहना है कि पहले वे मवेशियों के गायब होने को बाघों का हमला मानते थे, लेकिन लगातार घटनाओं के बाद उन्हें आशंका हुई कि मवेशियों को जानबूझकर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में छोड़ा जा रहा है। समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि टाइगर रिजर्व को मिलने वाले फंड के दुरुपयोग के लिए ग्रामीणों के पशुओं को बाघों का निवाला बनाया जा रहा है। गुर्जर समाज के प्रतिनिधि प्रदीप सिंह गुर्जर ने बताया कि करीब 10 हजार समाजजन इस आंदोलन में शामिल हुए। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया था। मांगों का लंबा ज्ञापन समाज ने ज्ञापन के माध्यम से कई अन्य मांगें भी उठाईं। इनमें झिरना सरकार स्थल का संरक्षण, वन विभाग द्वारा कथित उत्पीडऩ पर रोक, वर्षों से खेती कर रहे किसानों को भूमि पट्टे, माधव टाइगर रिजर्व से प्रभावित परिवारों को पुन: सर्वे में शामिल कर उचित मुआवजा और विस्थापन लाभ देने की मांग प्रमुख रही। इसके अलावा धनसिंह कोतवाल, पन्नाधाय और भगवान देवनारायण की प्रतिमाएं स्थापित करने, ऐतिहासिक मंदिरों के संरक्षण, ईको सेंसिटिव जोन से प्रभावित गांवों के पुनर्वास तथा नरवर नगर वन क्षेत्र में पार्क तक जाने वाले मार्ग को बंद नहीं करने की मांग भी की गई। पहले भी हुआ था विरोध उल्लेखनीय है कि भैंस के बच्चे के गायब होने के मामले को लेकर मंगलवार रात सुरवाया थाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया था। इस मामले में सुरवाया थाना पुलिस अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर चुकी है। गुर्जर समाज ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेशभर से लाखों लोगों को एकजुट कर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। वहीं, भैंस चोरी और टाइगर रिजर्व पर लगाए गए आरोपों को लेकर प्रशासन और वन विभाग की ओर से आधिकारिक जांच एवं प्रतिक्रिया का इंतजार है। विनोद उपाध्याय / 11 जून, 2026