खेल
12-Jun-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण से पहले ही चर्चा के केंद्र बन चुके हैं। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन के दम पर उन्होंने न केवल चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया, बल्कि क्रिकेट जगत में भी अपनी अलग पहचान बना ली है। महज 15 वर्ष की आयु में उन्हें आयरलैंड दौरे और इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। चयनकर्ताओं के प्रमुख अजीत अगरकर भी स्वीकार कर चुके हैं कि वैभव ने अपने प्रदर्शन से सीनियर टीम में जगह पाने का मजबूत दावा पेश किया। अभी वैभव ने भारतीय टीम के साथ विदेश दौरे के लिए उड़ान भी नहीं भरी है, लेकिन इंग्लैंड में उनकी चर्चा शुरू हो चुकी है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जोस बटलर ने अपने पॉडकास्ट में वैभव सूर्यवंशी को लेकर विस्तार से बात की और उनकी लोकप्रियता की तुलना भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के शुरुआती दिनों से की। बटलर ने कहा कि वैभव को भारतीय टीम में जगह पूरी तरह अपनी प्रतिभा और प्रदर्शन के दम पर मिली है। बटलर के अनुसार भारतीय टीम इतनी प्रतिस्पर्धी है कि उसने भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए बड़े फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि श्रेयस अय्यर को कप्तानी सौंपे जाने के पीछे भी उनका लगातार अच्छा प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता रही है। इसी तरह वैभव सूर्यवंशी ने भी अपने खेल से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया और टीम में स्थान हासिल किया। पूर्व अंग्रेज कप्तान ने गुजरात टाइटंस के सहायक कोच आशीष कपूर के साथ हुई एक चर्चा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि दोनों ने इस बात पर विचार किया था कि वैभव को लेकर जो उत्साह दिखाई दे रहा है, उसकी तुलना सचिन तेंदुलकर के शुरुआती दौर से किस तरह की जा सकती है। बटलर ने कहा कि दोनों युगों में सबसे बड़ा अंतर तकनीक और संचार माध्यमों का है। उनके अनुसार जब सचिन तेंदुलकर ने 1989 में 16 वर्ष की उम्र में भारतीय टीम में कदम रखा था, तब लोग उनके बारे में मुख्य रूप से अखबारों और चर्चाओं के माध्यम से जानते थे। उस समय न सोशल मीडिया था, न डिजिटल प्लेटफॉर्म और न ही खिलाड़ियों की हर पारी तुरंत दुनिया भर तक पहुंचती थी। इसके विपरीत आज वैभव सूर्यवंशी को दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमी पहले ही देख चुके हैं। सोशल मीडिया, डिजिटल प्रसारण और इंडियन प्रीमियर लीग जैसे बड़े मंचों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण से पहले ही लोकप्रिय बना दिया है। बटलर ने कहा कि वैभव की ख्याति केवल प्रचार का परिणाम नहीं है, बल्कि उनके प्रदर्शन ने भी इसमें बड़ी भूमिका निभाई है। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में सबसे मूल्यवान खिलाड़ी का पुरस्कार जीतने वाले वैभव ने 200 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। बटलर का मानना है कि ऐसे आंकड़े किसी भी युवा खिलाड़ी को राष्ट्रीय टीम तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त हैं और वैभव भारतीय टीम में अपनी जगह के पूरी तरह हकदार हैं। डेविड/ईएमएस 12 जून 2026