खेल
12-Jun-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल कहा जाता है और जब इसमें मौसम का हस्तक्षेप हो जाए तो परिणाम पूरी तरह बदल सकता है। श्रीलंका के दांबुला में आयोजित त्रिकोणीय एकदिवसीय श्रृंखला के मुकाबले में भारत ‘ए’ और अफगानिस्तान ‘ए’ के बीच कुछ ऐसा ही देखने को मिला। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए विशाल स्कोर खड़ा किया, लेकिन बारिश और डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (डीएलएस) नियम के कारण अंततः जीत अफगानिस्तान ‘ए’ के खाते में चली गई। मुकाबले की शुरुआत भारतीय बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन से हुई। मैच के दौरान शुरुआती बारिश के कारण भारत की पारी एक ओवर कम कर 49 ओवर की कर दी गई थी। हालांकि इसका भारतीय बल्लेबाजों पर कोई असर नहीं पड़ा और उन्होंने अफगानिस्तान के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। निर्धारित 49 ओवरों में भारत ‘ए’ ने 9 विकेट के नुकसान पर 349 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य को देखकर अधिकांश दर्शकों को लग रहा था कि मुकाबला भारत की पकड़ में है। लेकिन दूसरी पारी में बारिश ने फिर खेल बिगाड़ दिया। अफगानिस्तान ‘ए’ ने लक्ष्य का पीछा करते हुए आक्रामक शुरुआत की और रनगति बनाए रखी। इसी दौरान बारिश के कारण खेल को रोकना पड़ा। लंबे व्यवधान के बाद जब मुकाबला दोबारा शुरू हुआ तो अंपायरों ने समय की कमी को देखते हुए डकवर्थ-लुईस-स्टर्न नियम लागू किया। इसके तहत अफगानिस्तान के लिए लक्ष्य संशोधित कर 38 ओवरों में 294 रन कर दिया गया। संशोधित लक्ष्य मिलने के बाद अफगानिस्तान के बल्लेबाजों ने और अधिक सकारात्मक क्रिकेट खेला। टीम ने 25.5 ओवरों में केवल दो विकेट गंवाकर 177 रन बना लिए थे। इसी समय एक बार फिर तेज बारिश शुरू हो गई और मैदान खेलने योग्य नहीं रहा। अंपायरों ने आगे का खेल रद्द करने का फैसला लिया और डीएलएस नियम के तहत दोनों टीमों की स्थिति का आकलन किया गया। गणना में पाया गया कि मैच रुकने के समय अफगानिस्तान ‘ए’ की टीम निर्धारित पार-स्कोर से चार रन आगे थी। इसी आधार पर उसे चार रन से विजेता घोषित कर दिया गया। इस फैसले ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि आधुनिक क्रिकेट में केवल बड़ा स्कोर बनाना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार रनगति और विकेटों का संतुलन भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। डकवर्थ-लुईस-स्टर्न नियम सीमित ओवरों के क्रिकेट में बारिश या अन्य कारणों से बाधित मैचों का परिणाम तय करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह नियम टीमों के उपलब्ध संसाधनों, यानी बचे हुए ओवरों और हाथ में मौजूद विकेटों के आधार पर लक्ष्य निर्धारित करता है। यही वजह है कि दांबुला में 349 रन बनाने के बावजूद भारत ‘ए’ जीत दर्ज नहीं कर सका, जबकि अफगानिस्तान ‘ए’ ने कम ओवरों में तेज रनगति और विकेट बचाकर डीएलएस गणना में बढ़त हासिल कर ली। यह मुकाबला आधुनिक क्रिकेट में रणनीति, संसाधनों के प्रबंधन और मौसम की भूमिका का एक बेहतरीन उदाहरण बन गया। डेविड/ईएमएस 12 जून 2026