क्षेत्रीय
12-Jun-2026
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- अदालती आदेश के बाद कराया गया गर्भपात गुना (ईएमएस)। जिले के बमौरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम साजरवाड़ा में रिश्तों को तार-तार करने वाली एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक 15 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ उसके ही सगे ताऊ के लडक़े (चचेरे भाई) ने पिछले 6 महीनों से लगातार डरा-धमकाकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस घिनौनी करतूत के कारण नाबालिग बालिका चार महीने की गर्भवती हो गई। जैसे ही इस संवेदनशील मामले की जानकारी पीडि़ता की मां और परिजनों को लगी, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों ने तुरंत पुलिस की शरण ली, जिसके बाद हरकत में आई बमौरी थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी को महज 10 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया। वहीं, पीडि़ता की मानसिक और शारीरिक स्थिति को देखते हुए परिजनों ने जिला एवं सत्र न्यायालय के पॉस्को कोर्ट में गर्भपात (अबॉर्शन) की अनुमति के लिए आवेदन लगाया था। गत दिवस इस संबंध में एडीजे द्वारा सीएमएचओ को पत्र लिखकर आदेश दिया। जिसके बाद पीडि़़ता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका सुरक्षित गर्भपात के लिए उपचार जारी है। डरा-धमकाकर 6 महीने तक किया दुष्कर्म, मां को ऐसे लगी भनक मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम साजरवाड़ा में रहने वाले आरोपी परसराम भील ने अपने ही सगे चाचा की नाबालिग बेटी को अपनी हवस का शिकार बनाया। आरोपी पिछले 6 महीने से बालिका को डरा-धमकाकर उसके साथ गलत काम कर रहा था। लोक-लाज और आरोपी के खौफ के कारण पीड़िता चुप रही, लेकिन जब उसे चार महीने का गर्भ ठहर गया, तो उसकी शारीरिक स्थिति बदलने लगी। बेटी की गिरती सेहत को देखकर जब मां ने कड़ाई से पूछताछ की, तो पीडि़़ता फफक-फफक कर रो पड़ी और उसने अपने सगे भाई की इस खौफनाक दरिंदगी की पूरी दास्तान बयां की। इसके बाद मां अपनी बेटी को लेकर सीधे बमौरी थाने पहुंची और आरोपी के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर आरोपी परसराम भील के विरुद्ध बीएनएस की धारा 64(1), 64(2)(एफ), 351(2) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एन), 5(1), 6, 3, 4 के तहत गंभीर धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज कर तत्काल विवेचना प्रारंभ की। एसपी हितिका वासल के निर्देश पर 10 घंटे में पकड़ा गया आरोपी इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी हितिका वासल ने गंभीरता से लिया और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के कड़े निर्देश दिए। बमौरी थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप राजौरिया के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। पुलिस की चौतरफा घेराबंदी के दबाव के कारण रिपोर्ट दर्ज होने के मात्र 10 घंटे के भीतर ही गत रात को आरोपी परसराम (26) पुत्र रमेश भील को पुलिस ने धर दबोचा। आवश्यक वैधानिक और चिकित्सीय कार्रवाई पूर्ण करने के उपरांत आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में सीधे जेल भेज दिया गया। इनका कहना है - बमोरी थाना क्षेत्र के ग्राम साजरवाड़ा में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर घटना सामने आई थी। इस मामले में मुख्य आरोपी पीड़िता का सगा पारिवारिक रिश्तेदार (ताऊ का लडक़ा) ही है। पुलिस ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए एफआईआर दर्ज होने के 10 घंटे के भीतर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। - हितिका वासल, एसपी गुना - सीताराम नाटानी