राज्य
12-Jun-2026
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चेंजिंग रूम में कपड़े बदलने के दौरान शरीर के अंगों को छूने का सनसनीखेज आरोप, थाने का घेराव कर दर्जनों महिलाओं ने लिखित शिकायत देकर खोला मोर्चा अलीगढ़ (ईएमएस)। थाना बन्नादेवी क्षेत्र में ऊदला स्थित एक मीट फैक्ट्री से इंसानियत और मर्यादा को तार-तार कर देने वाला बेहद गंभीर मामला सामने आया है। फैक्ट्री में मेहनत-मजदूरी कर पेट पालने वाली महिला कर्मचारियों ने वहां के रसूखदार ठेकेदारों पर प्रतिदिन छेड़छाड़ और बैड टच (गलत नीयत से छूने) का सनसनीखेज आरोप लगाया है। इस घिनौनी हरकत के खिलाफ महिलाओं का सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने आधी रात को ही थाने पर धावा बोलकर भारी हंगामा खड़ा कर दिया। चेंजिंग रूम तक पहुंची ठेकेदारों की गंदी नजर! फैक्ट्री में पैकिंग विभाग में काम करने वाली पीड़ित महिलाओं ने जो खुलासे किए हैं, वो रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में महिलाओं ने साफ आरोप लगाया है कि फैक्ट्री के ठेकेदार अपनी मर्यादा भूल चुके हैं। जब महिलाएं चेंजिंग रूम में अपने कपड़े बदलने जाती हैं, तो ये ठेकेदार वहां घुस आते हैं और उनके शरीर के अंगों को जबरन छूने की कोशिश करते हैं। महिलाओं का आरोप है कि यह प्रताड़ना और अश्लील हरकतें अब उनके लिए रोज की बात बन चुकी थीं। आधी रात को रणचंडी बनीं महिलाएं, थाने में काटा बवाल रोज-रोज के इस मानसिक और शारीरिक शोषण से तंग आकर बीती देर रात दर्जन भर से अधिक महिला कर्मचारी एकजुट हुईं और सीधे थाने पहुंच गईं। महिलाओं के इस भारी हुजूम ने थाने का घेराव कर जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह खौफ और आक्रोश के बीच इन महिलाओं ने अपने सम्मान की लड़ाई के लिए कदम आगे बढ़ाया है। महिलाओं ने साफ कर दिया है कि जब तक इन सरेराह घूमने वाले मजनुओं और अत्याचारी ठेकेदारों को जेल की सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, वे शांत नहीं बैठेंगी। सवालों के घेरे में फैक्ट्री प्रबंधन, पुलिस महकमे में हड़कंप इस हाई-प्रोफाइल हंगामे और लिखित शिकायत के बाद पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। मीट फैक्ट्री के भीतर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर प्रबंधन इस गुंडागर्दी पर चुप क्यों था? फिलहाल पुलिस ने महिलाओं की तहरीर पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। देखना यह है कि कानून के हाथ इन रसूखदार ठेकेदारों के गिरेबान तक कितनी जल्दी पहुंचते हैं। अब बताइए, यह टोन सही है या इसमें कुछ और तीखे सवाल या स्थानीय अधिकारियों से जुड़े इनपुट्स जोड़ने हैं? ईएमएस/धर्मेन्द्र राघव/ 12 जून 2026