- राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर भी गिराए गए तीन मकान - ग्रामीणों के विरोध के बीच प्रशासन ने की कार्यवाही कोरबा (ईएमएस) कोरबा जिले में जिला प्रशासन द्वारा अवैध कब्जों के खिलाफ दो बड़ी कार्यवाही करते हुए शासकीय भूमि और सड़क निर्माण में बाधा बने अतिक्रमणों को हटाया गया। ग्राम कनकी-तरदा मुख्य मार्ग पर अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर ग्राम सुतर्रा-जुराली के बीच सड़क निर्माण में बाधक तीन मकानों पर बुलडोजर चलाया गया। दोनों स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। * कनकी-तरदा मार्ग पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पहली कार्यवाही बरपाली तहसीलदार सत्यपाल राय के नेतृत्व में कनकी-तरदा मुख्य मार्ग पर की गई। प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। शिकायत मिली थी कि सिंचाई विभाग की शासकीय भूमि पर अवैध रूप से मकान और दुकानें बनाकर कब्जा किया गया है। प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार कुछ लोगों द्वारा जमीन की प्लाटिंग कर खरीद-बिक्री भी की जा रही थी। मामले में करीब 85 घरों को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका था। सुबह प्रशासन ने नोटिस प्राप्त तीन मकानों और दुकानों को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया। कार्यवाही के दौरान ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। * विरोध के चलते फिलहाल रोकी गई कार्यवाही कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल अभियान रोक दिया है। तहसीलदार सत्यपाल राय ने बताया कि विरोध के कारण कार्यवाही स्थगित की गई है, लेकिन आने वाले दिनों में जिला प्रशासन और पुलिस बल के सहयोग से शेष अवैध कब्जों को भी हटाया जाएगा। दूसरी बड़ी कार्रवाई राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर सुतर्रा-जुराली के बीच की गई। यहां सड़क निर्माण का कार्य पिछले दो वर्षों से रुका हुआ था। कुछ प्रभावित परिवार कम मुआवजा मिलने का आरोप लगाते हुए मकान खाली नहीं कर रहे थे। मामला न्यायालय में भी विचाराधीन था। प्रशासन का कहना है कि एक सप्ताह पहले प्रभावितों को मुआवजा राशि प्रदान कर दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद मकान खाली नहीं किए गए। इसके बाद प्रशासन ने कार्यवाही करते हुए तीन मकानों को बुलडोजर से गिरा दिया। अधिकारियों के मुताबिक अतिक्रमण हटने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग के रुके हुए निर्माण कार्य को दोबारा गति मिल सकेगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों और विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्यवाही जारी रहेगी। 12 जून / मित्तल