13-Jun-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी जल्द ही पहली बार सीनियर स्तर पर भारतीय जर्सी में खेलते नजर आ सकते हैं। अंडर-19 क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है और अब उनसे आयरलैंड, इंग्लैंड तथा एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने की उम्मीद की जा रही है। फिलहाल वैभव इंडिया ए टीम का हिस्सा हैं और विभिन्न मुकाबलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। श्रीलंका ए के खिलाफ वह बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन अफगानिस्तान ए के विरुद्ध उन्होंने प्रभावशाली बल्लेबाजी कर अपनी क्षमता का परिचय दिया। इस बीच भारत के पूर्व तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत ने युवा बल्लेबाज को क्रिकेट के साथ-साथ करियर के शुरुआती दौर में आने वाली चुनौतियों को लेकर महत्वपूर्ण सलाह दी है। उनका मानना है कि कम उम्र में मिली लोकप्रियता और सफलता के बीच वैभव को अपने लक्ष्य से भटकने नहीं देना चाहिए। श्रीसंत ने कहा कि युवा खिलाड़ी को पूरी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए और व्यावसायिक तथा अन्य बाहरी मामलों को परिवार के जिम्मे छोड़ देना चाहिए। एक मीडिया बातचीत के दौरान श्रीसंत ने वैभव को संबोधित करते हुए कहा कि वह पेशेवर प्रबंधकों और एजेंटों के प्रभाव से बचें तथा अपना पूरा ध्यान क्रिकेट पर लगाएं। उनके अनुसार परिवार और पिता इन सभी बाहरी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में सफलता मिलने के बाद अक्सर कई लोग युवा खिलाड़ियों के आसपास सक्रिय हो जाते हैं, लेकिन ऐसे समय में संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। पूर्व क्रिकेटर ने वैभव की उपलब्धियों की जमकर सराहना भी की। उन्होंने कहा कि कम उम्र में जो प्रदर्शन वैभव ने किया है, वह असाधारण है और देशभर के लाखों युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है। श्रीसंत ने उनकी तुलना भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ियों की प्रेरणादायक यात्राओं से करते हुए कहा कि वैभव ने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के दम पर नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को बड़ा सपना देखने का साहस दिया है। उन्होंने वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी और उनके कोचों की भी प्रशंसा की। श्रीसंत ने कहा कि किसी खिलाड़ी की सफलता के पीछे परिवार और सहयोगी तंत्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। रोजाना लंबी दूरी तय करके अभ्यास करना, लगातार सैकड़ों गेंदों का सामना करना और वर्षों तक बिना किसी गारंटी के मेहनत करते रहना आसान नहीं होता। यही समर्पण आज वैभव को इस मुकाम तक लेकर आया है। श्रीसंत का मानना है कि आने वाले वर्षों में वैभव भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बन सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें वर्तमान सफलता से प्रभावित होने के बजाय अपने खेल को लगातार बेहतर बनाने पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि प्रतिभा के साथ विनम्रता और अनुशासन का मेल ही किसी खिलाड़ी को लंबे समय तक सफल बनाता है, और वैभव में यह क्षमता साफ दिखाई देती है। डेविड/ईएमएस 13 जून 2026