नई दिल्ली (ईएमएस)। फीफा विश्व कप 2026 के आगाज से ठीक पहले जापान की फुटबॉल टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के कप्तान और इंग्लिश क्लब लिवरपूल के स्टार मिडफील्डर वातारू एंडो चोट के कारण न केवल विश्व कप से बाहर हो गए हैं, बल्कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की भी घोषणा कर दी है। 33 वर्षीय एंडो के इस फैसले के साथ जापान की राष्ट्रीय टीम के साथ उनका लगभग एक दशक लंबा सफर समाप्त हो गया। जापान का पहला मुकाबला 15 जून को ग्रुप एफ में नीदरलैंड्स के खिलाफ खेला जाना है, लेकिन उससे पहले कप्तान के बाहर होने की खबर ने टीम की तैयारियों को प्रभावित किया है। एंडो ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने संन्यास और विश्व कप टीम से हटने की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि चोट से उबरकर टूर्नामेंट में खेलने के लिए उन्होंने हर संभव प्रयास किया, लेकिन पूरी तरह फिट नहीं हो सके। अपने भावुक संदेश में एंडो ने कहा कि उन्होंने वापसी के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी और इस बात का उन्हें कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि विश्व कप में हिस्सा नहीं ले पाने का दुख जरूर है, लेकिन उससे कहीं अधिक गर्व उन्हें इस बात का है कि कतर विश्व कप के बाद जापानी टीम ने लगातार प्रगति की और खुद को मजबूत बनाया। एंडो ने मौजूदा जापानी टीम पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि वर्तमान टीम बेहद प्रतिभाशाली और मजबूत है। उनके अनुसार खिलाड़ी किसी भी चुनौती का सामना करने की क्षमता रखते हैं और इस विश्व कप में ऐसा प्रदर्शन कर सकते हैं, जो पहले कभी देखने को नहीं मिला। उन्होंने उम्मीद जताई कि जापान भविष्य में विश्व कप जीतने का अपना सपना जरूर पूरा करेगा। वातारू एंडो जापान के सबसे भरोसेमंद मिडफील्डरों में गिने जाते हैं। उनकी नेतृत्व क्षमता, खेल की समझ और मैदान पर अनुशासन ने उन्हें राष्ट्रीय टीम का अहम स्तंभ बनाया। पिछले दस वर्षों में उन्होंने जापानी फुटबॉल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अब एंडो एक प्रशंसक के रूप में टीम का समर्थन करेंगे। उनके संन्यास से जापानी फुटबॉल का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया है, लेकिन उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों को प्रेरित करती रहेगी। विश्व कप से ठीक पहले कप्तान की विदाई जापान के लिए भावनात्मक क्षण है, वहीं टीम के सामने उनके बिना बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती भी होगी। डेविड/ईएमएस 13 जून 2026