व्यापार
13-Jun-2026


- खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेज उछाल बनी मुख्य वजह, अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका नई ‎दिल्ली (ईएमएस)। केंद्र सरकार द्वारा जारी मई के आंकड़ों के अनुसार खुदरा मुद्रास्फीति (रिटेल इनफ्लेशन) बढ़कर 3.93 फीसदी पर पहुंच गई है, जो अप्रैल में 3.48 फीसदी थी। यह इस साल की सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी है, जिसमें अप्रैल के मुकाबले 0.45 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्ज की गई है। इस वृद्धि का मुख्य कारण खाने-पीने की चीजों की कीमतों में आया उछाल है, जिससे आम आदमी पर महंगाई का बोझ बढ़ा है। मई में उपभोक्ता खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 4.78 फीसदी हो गई, जो अप्रैल में 4.2 फीसदी थी। ग्रामीण इलाकों में यह दर 4.85 फीसदी और शहरी इलाकों में 4.66 फीसदी रही। विशेषज्ञों के अनुसार, टमाटर, अदरक और अन्य सब्जियों जैसी जल्द खराब होने वाली वस्तुओं की कीमतों में तेजी से यह दबाव बना है। हालांकि, कोर इनफ्लेशन लगभग 3.7 फीसदी पर स्थिर रहा, जो दर्शाता है कि मुद्रास्फीति में वृद्धि में खाद्य वस्तुओं का ही प्रमुख योगदान है। बाजार के जानकारों ने कहा कि 4 फीसदी से नीचे का खुदरा और कोर इनफ्लेशन अल्पकालिक राहत का संकेत देता है, लेकिन मानसून के असर पर नजर रहेगी। उन्होंने अक्टूबर में ब्याज दरों में 50 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की संभावना जताई है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अल-नीनो के संभावित प्रभाव (कमजोर मानसून) से भविष्य में महंगाई बढ़ने का जोखिम बना हुआ है, जिससे पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। सतीश मोरे/13जून ---