नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय सेना के डिप्टी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को एनएससीएस में नया मिलिट्री एडवाइजर नियुक्त किया गया है, जो इस पद पर नियुक्त होने वाले पहले सेवारत सैन्य अधिकारी हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के नेतृत्व में, घई देश की सुरक्षा रणनीतियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। भारतीय सेना के डिप्टी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई को नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट (एनएससीएस) में नया मिलिट्री एडवाइजर नियुक्त किया गया है। यह पहली बार है जब किसी सेवारत सैन्य अधिकारी को इस पद पर नियुक्त किया गया है। एनएससीएस का नेतृत्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल कर रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) के पद पर थे। सूत्रों के मुताबिक, अब वह जल्द ही अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका कार्यकाल दिसंबर 2027 तक है। इस सप्ताह उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी गई है। राजीव घई का सैन्य अनुभव काफी व्यापक रहा है। उन्होंने पश्चिमी सेक्टर में इन्फैंट्री बटालियन की कमान संभाली है। इसके अलावा उन्होंने मध्य क्षेत्र में स्वतंत्र ब्रिगेड, अरुणाचल प्रदेश में इन्फैंट्री डिवीजन और श्रीनगर स्थित 15 कॉर्प्स की कमान भी संभाली है। उनसे पहले जनरल एन।एस। राजा सुब्रमणि इस पद पर थे, जो अब देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) हैं। इससे पहले एयर मार्शल संदीप सिंह और जनरल अनिल चौहान भी मिलिट्री एडवाइजर रह चुके हैं। मोदी सरकार में 2018 में इस पद को फिर से सक्रिय किया गया था। लेफ्टिनेंट जनरल विनोद खंडारे सरकार में पहले मिलिट्री एडवाइजर बने थे। लेफ्टिनेंट जनरल घई ने अपने करियर में कई बड़ी और अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्हें कश्मीर घाटी और एलओसी के पास आतंकवाद-रोधी अभियानों का विशेषज्ञ माना जाता है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनके रोल, रणनीतिक फैसलों और आतंकियों के खिलाफ योजनाओं के लिए उन्हें व्यापक स्तर पर सराहा गया है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/13/ जून /2026