गुरुग्राम (ईएमएस)। पानी के लिए परेशान मानेसर के तीन इलाकों के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण इन इलाकों में पाइपलाइन बिछाकर पेयजल की सप्लाई करेगा। निगम अधिकारियों का दावा है कि चंडीगढ़ से प्रशासनिक औद्योगिक हब मानेसर और आसपास के गांवों में गहराए जल संकट के बीच स्थानीय निवासियों के लिए एक राहत भरी खबर है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने क्षेत्र के तीन प्रमुख गांव कासन, खोह और मानेसर में पाइपलाइन बिछाकर पेजयल की आपूर्ति की जाएगी। जीएमडीए से आधिकारिक हरी झंडी मिलते ही नगर निगम मानेसर ने काम शुरू करने के लिए 34 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार कर मंजूरी के लिए सरकार को भेज दिया है। बता दें कि गांव मानेसर, खोह और कासन में बीते दो माह से लोग पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। गांव मे शुरू से ही कोई भी नहरी पानी के इंतजाम नहीं है। इस कारण लोगों को भूजल पर ही निर्भर रहना पड़ता है। बीते दिनों भीषण गर्मी के कारण भूजल का पानी भी कई जगहों पर सूख गया। इस कारण लोगों के सामने पीने के पानी की समस्या खड़ी हो गई। जीएमडीए ने 15 एमएलडी पानी देने की अनुमति दे दी। निगम अधिकारियों का दावा है कि चंडीगढ़ से प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी मिलते ही पाइपलाइन बिछाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। और अगले साल तक इन तीनों गांवों के हर घर में नहरी पानी की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। मानेसर निगम अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना की शुरुआत गांव भांगरोला के पास से होगी, जहां जीएमडीए की मुख्य लाइन से कनेक्शन लिया जाएगा। भांगरोला के मुकाबले मानेसर गांव की ऊंचाई लगभग 120 फीट अधिक है। इस तकनीकी चुनौती से निपटने और पानी के प्रेशर को बनाए रखने के लिए भांगरोला के पास एक अत्याधुनिक और बड़ा वाटर बूस्टिंग स्टेशन बनाया जाएगा। इस स्टेशन पर भारी क्षमता की बड़ी-बड़ी मोटरें और पंप स्थापित किए जाएंगे, जो अत्यधिक ऊंचाई के बावजूद बिना किसी बाधा के पानी को आगे भेज सकेंगे। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/13/ जून /2026