कोरबा (ईएमएस)। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अचानक जांच अभियान चलाया। इस दौरान बर्गर, पैकेट बंद खाद्य सामग्री, मिठाइयों सहित कई खाद्य उत्पादों के नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने शहर के प्रमुख बाजारों, चौराहों और कॉलोनियों में स्थित दुकानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान बर्गर निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री, पैकेटबंद खाद्य उत्पादों और खुले में रखी मिठाइयों की गुणवत्ता परखने के लिए सैंपल लिए गए। इन नमूनों को परीक्षण के लिए राजनांदगांव स्थित खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्हें साफ-सफाई बनाए रखने, उत्पादों की एक्सपायरी डेट की नियमित जांच करने, वैध लाइसेंस रखने तथा पैकेजिंग संबंधी सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। जांच में जिन प्रतिष्ठानों के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले या खाद्य सुरक्षा मानकों में कमी पाई गई, उन्हें नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा में सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने इस माह की शुरुआत में भी कई प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए थे। पाम मॉल स्थित डोमिनोज पिज्जा से चिकन बर्गर तथा केएफसी से चिकन पॉपकॉर्न राइस बॉल के सैंपल लिए गए। साथ ही दोनों प्रतिष्ठानों को वेज और नॉनवेज काउंटर अलग-अलग संचालित करने के निर्देश दिए गए। अभियान के तहत दादर स्थित कौशल बेवरेज से अमरकंटक वाटर, कमला सुपर मार्ट से टोस्ट और बिस्कुट, जेलगांव स्थित समलेश्वरी स्टोर से सरसों तेल और घी तथा टी.पी. नगर स्थित जियो मार्ट से रॉक सॉल्ट और रस्क के नमूने लिए गए। इन सभी नमूनों को जांच के लिए रायपुर स्थित खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच अभियान केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा। आगामी दिनों में ग्रामीण इलाकों की दुकानों, हाट-बाजारों और मेलों में भी सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी दुकानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें और बिना पैकिंग वाले खाद्य उत्पादों से बचें। - 13 जून