राष्ट्रीय
13-Jun-2026


पटना,(ईएमएस)। बिहार में कानून के रखवालों पर ही गुनाहगारों की मदद करने का मामला सामने आया है। मधुबनी जिले में बिहार पुलिस की डायल 112 जिप्सी नेपाल से आई 4 क्विंटल से भी ज्यादा गांजे की खेप को सुरक्षित पहुंचाने के लिए एस्कॉर्ट कर रही थी। यह मामला तब उजागर हुआ जब बिहार एसटीएफ को इस संबंध में खुफिया जानकारी मिली और उन्होंने इस पर कार्रवाई की। जानकारी के मुताबिक, नेपाल से गांजे से लदी पिकअप वैन मधुबनी के बासोपट्टी थाना क्षेत्र में भारतीय सीमा में घुसी थी, इस वैशाली जिले तक ले जाने की तैयारी थी। एसटीएफ को इनपुट मिला था कि बासोपट्टी थाना की डायल 112 नंबर की पुलिस जिप्सी खेप को अपने थाना क्षेत्र से सुरक्षित निकालने का काम करेगी। बिहार एसटीएफ और जयनगर एसडीपीओ के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान गांजे से लदी पिकअप वैन के आगे-आगे डायल 112 जिप्सी मिली, जो गांजा तस्करों की मदद कर रही थी। एसटीएफ की टीम ने गांजे से लदे पिकअप और पुलिस जिप्सी दोनों को रोका। एसपी ने बताया कि जब्त 419 किलो गांजे के साथ तस्करों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि थाने की 112 नंबर गाड़ी का ड्राइवर भी रैकेट में शामिल था, जो कि गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी और बासोपट्टी के थानेदार को निलंबित किया गया है। इस खुलासे ने पुलिस और तस्करों के बीच गहरी सांठगांठ को बेनकाब किया है। इतनी बड़ी खेप में अंतरराष्ट्रीय गिरोह और सफेदपोशों की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है। नेपाल सीमा पर एसएसबी जवानों और पुलिस थानों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि 419 किलो गांजा इतनी आसानी से सीमा पार कैसे कर गया। पुलिस संरक्षण में चल रहे इस गोरखधंधे के उजागर होने से हड़कंप मच गया है। आशीष दुबे / 13 जून 2026