पुणे,(ईएमएस)। 2 जून को टीसीएस इंजीनियर अमित ब्रह्मे की आत्महत्या ने कॉर्पोरेट जगत में बढ़ते मानसिक दबाव और उत्पीड़न पर सवाल उठा दिए है। सामने आए सुसाइड नोट ने मामले में बड़ा खुलासा किया है, जिसमें दो वरिष्ठ सहयोगियों पर मानसिक प्रताड़ना और अपमान का आरोप लगा है। दोपहर करीब 4 बजे फांसी लगाकर आत्महत्या करने से पहले लिखे गए नोट में ब्रह्मे ने अपनी आर्थिक बदहाली और मानसिक उत्पीड़न के लिए सीधे तौर पर कई लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। अपनी मौत से पहले लिखे नोट में ब्रह्मे ने टीसीएस हिंजवड़ी की अपनी वरिष्ठ सहयोगियों, अर्चना और शाश्वती पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बीते दो महीनों से उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और खराब फीडबैक देने की धमकी देकर अंततः प्रोजेक्ट से बाहर किया गया। ब्रह्मे के अनुसार, उन्हें कम वेतन पर नौकरी दी गई थी, लेकिन बिना उचित प्रशिक्षण के ही उनसे काम की अपेक्षा की जाती थी। नोट में कहा गया है कि पत्नी की गंभीर बीमारी और पिता के निधन के दौरान छुट्टी मांगने पर भी उन्हें परेशान किया गया, इससे उनका जीवन बर्बाद हो गया। उन्होंने अपील की है कि इन दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि वे अन्य कर्मचारियों को भी इसी तरह प्रताड़ित न कर सकें। कार्यस्थल के उत्पीड़न के साथ ही, ब्रह्मे ने विनोद पालीचा नामक एक व्यक्ति पर भी परिवार को मानसिक रूप से परेशान करने और झूठे आरोप लगाकर छवि खराब करने का आरोप लगाया है। विनोद द्वारा दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत में ब्रह्मे को निर्दोष पाया गया था, फिर भी विनोद ने टीसीएस के एचआर को झूठे ईमेल भेजकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की। ब्रह्मे ने विनोद को धूर्त और झूठा व्यक्ति बताकर भविष्य में अपने परिवार के लिए उससे खतरे की आशंका जाहिर की है। इस गंभीर मामले में, भोसरी पुलिस ने ब्रह्मे को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में अर्चना, शाश्वती और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री तक पहुँच चुका है, और नेशनल इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सीनेट के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह सलूजा ने निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मांग की है। संगठन ने आईटी क्षेत्र में बढ़ते मानसिक दबाव और कार्यस्थल पर उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दों की विस्तृत जांच की आवश्यकता पर भी जोर दिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। भोसरी पुलिस ने बताया कि टीसीएस के एचआर अधिकारियों ने जांच में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है। आशीष दुबे / 13 जून 2026