राष्ट्रीय
13-Jun-2026


भोजपुर, (ईएमएस)। असम के जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन के समीप शनिवार को भारतीय वायु सेना के एएन-32 विमान दुर्घटनाग्रस्त होने की दुखद घटना में बिहार के भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड अंतर्गत कायमनगर गांव निवासी अग्निवीर वायु सैनिक दानिश आलम वीरगति को प्राप्त हो गए। देश सेवा के दौरान हुई उनकी शहादत की खबर मिलते ही पूरे गांव और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। महज 22 वर्षीय दानिश आलम अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। उनके पिता मोहम्मद फारूक आलम गया जिले के औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि माता अख्तरी बेगम गृहिणी हैं। परिवार में उनकी दो बड़ी बहनें शगुफ्ता परवीन और गजाला परवीन हैं। इकलौते बेटे की शहादत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने बताया कि दानिश का बचपन से ही भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करने का सपना था। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के बल पर अग्निवीर वायु योजना के तहत चयन हासिल किया था। 29 जून 2025 को उन्होंने बिहटा एयरफोर्स स्टेशन में योगदान दिया था। इसके बाद प्रशिक्षण के लिए कर्नाटक के बेलगांव भेजे गए, जहां से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अक्टूबर 2025 में उनकी पहली तैनाती असम के जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन पर हुई थी। बताया जाता है कि दानिश हाल ही में 23 मई को छुट्टी लेकर अपने गांव आए थे। परिवार के साथ कुछ दिन बिताने के बाद 30 मई को वह वापस ड्यूटी पर लौट गए थे। किसी को यह अंदाजा नहीं था कि कुछ ही दिनों बाद उनके शहीद होने की खबर पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल देगी। दानिश की शहादत की सूचना मिलते ही कायमनगर गांव में शोक का माहौल है। गांव के लोगों, जनप्रतिनिधियों और रिश्तेदारों का उनके घर पर लगातार आना-जाना लगा हुआ है। सभी लोग शहीद जवान के परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं। पूरा गांव अपने वीर सपूत के पार्थिव शरीर के आगमन का इंतजार कर रहा है, ताकि उन्हें पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ अंतिम विदाई दी जा सके। दानिश आलम की शहादत ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे भोजपुर जिले को गर्व और गम से भर दिया है। देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले इस वीर सपूत को क्षेत्रवासी नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। संतोष झा- १३ जून/२०२६/ईएमएस