14-Jun-2026
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- अमेरिका के हमलों में अब तक छह भारतीय नाविकों की हो चुकी है मौत तेहरान,(ईएमएस)। ईरान युद्ध के दौरान अलग-अलग हमलों में छह भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है। इममें से तीन नाविकों की मौत बुधवार को ओमान के पास अमेरिकी नौसेना के हमले में हुई। भारत ने इन हमलों को लेकर अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। हालांकि, बड़ी संख्या में भारतीय नाविकों की मौजूदगी के कारण खतरा अब भी बना हुआ है। भारत ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि बुधवार को ओमान तट के पास एक टैंकर पर अमेरिकी नौसेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। ये नाविक अमेरिकी हमले के बाद से लापता थे। अब शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने पुष्टि की है कि तीनों क्रू मेंबर्स के शव बरामद किए गए हैं और उनकी पहचान कर ली गई है। भारत ने इस हमले को लेकर अमेरिकी डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को तलब कर कड़ा विरोध जताया है। अमेरिका ने मोटर टैंकर सेट्टेबेलो पर बुधवार को हुए हमले की पुष्टि करते हुए दावा किया था कि इस जहाज ने आदेश मानने से इनकार किया और घेराबंदी को तोड़ा। इस कारण प्रिसिजन गाइड म्यूनिशन के जरिए जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाया गया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने पहले बताया था कि पलाऊ के झंडे वाले कमर्शियल जहाज एमटी सेट्टेबेलो पर सवार 21 भारतीय नाविकों को बचा लिया गया है और तीन नाविक लापता हैं। मंत्रालय ने अमेरिकी हमले की निंदा भी की और इसे बेहद चिंताजनक बताया। उसने तनाव कम करने का आग्रह किया। भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि हमें शुक्रवार सुबह ओमान के शिनास बंदरगाह के निकट एक पोत से जुड़ी घटना की जानकारी मिली है। हम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और जानकारी के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं। बता दें भारत नाविकों के सबसे बड़े वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं में से एक है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक आज तीन लाख से ज्यादा भारतीय समुद्री क्षेत्र में काम करते हैं। यह संख्या एक दशक पहले के 1.25 लाख से ज्यादा है। दुनिया भर में समुद्री जहाजों पर काम करने वाले कर्मचारियों में भारतीयों की हिस्सेदारी 10-12 फीसदी है। ये लोग भारतीय और विदेशी कंपनियों के जहाजों पर काम करते हैं। समुद्री उद्योग के आंकड़ों के मुताबिक भारतीय नाविक कैप्टन, नेविगेशन ऑफिसर, मरीन इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ जैसे खास पदों पर काम करते हैं। ये लोग दुनिया भर में कच्चे तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस से लेकर अनाज और उपभोक्ता सामान तक सब कुछ पहुंचाने में मदद करते हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था के सुचारू रूप से चलने के लिए बहुत अहम है। ऐसा इसलिए है क्योंकि मात्रा के हिसाब से दुनिया का करीब 90 से 95 फीसदी व्यापार समुद्र के रास्ते होता है। समुद्री व्यापार वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की रीढ़ है। सिराज/ईएमएस 14 जून 2026