-मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान और ट्रंप के बयान डील तय की ओर कर रहे इशारा वाशिंगटन,(ईएमएस)। होर्मुज को लेकर खुशखबरी आ गई है जिसका इंतजार पूरी दुनिया कर रही थी। होर्मुज जल्द ही खुलने वाला है ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि ईरान और अमेरिका के बीच डील को लेकर पॉजिटिव खबरें सामने आ रही हैं। महीनों से चल रहे तनाव, हमलों और युद्ध जैसे माहौल के बीच अब संकेत मिल रहे हैं जो यह बता रहे हैं कि ईरान और अमेरिका के बीच पर्दे के पीछे बहुत बड़ी डील तय हो चुकी है। ईरान से लेकर मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान और खुद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान इस ओर इशारा कर रहे हैं। वहीं ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने जिस तरह ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ को फाइनल स्टेज में बताया है। उन्होंने एक्स पर डील को लेकर एक पोस्ट भी किया। जिसके बाद ट्रंप ने इसे रिपोस्ट भी किया। मामला सिर्फ एक-दूसरे पर हमला रोकने तक सीमित नहीं दिख रहा। इसमें होर्मुज को फिर से खोलने, अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील देने, लेबनान में संघर्ष रोकने और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर नई बातचीत जैसे बड़े मुद्दे शामिल बताए जा रहे हैं। यही वजह है कि ट्रंप का अराघची के पोस्ट को रीपोस्ट करना भी सामान्य घटना नहीं माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर यह पूरा घटनाक्रम तेजी से वायरल हो रहा है और अब सवाल उठ रहा है कि क्या सच में मिडिल ईस्ट की सबसे खतरनाक जंग खत्म होने जा रही है? ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा- ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पहले कभी इतना करीब नहीं था।’ उन्होंने मीडिया से अपील की कि समझौते किन-किन मुद्दों पर हो रही है इसे लेकर अटकलें लगाने बचें। अराघची ने कहा कि समझौता फाइनल होते ही सभी जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी। उनके इस बयान को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों से पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बातचीत चल रही थी। दूसरी तरफ पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने भी बड़ा दावा किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि शांति समझौते का अंतिम टेक्स्ट तैयार हो चुका है और पाकिस्तान अब दोनों पक्षों के साथ मिलकर अगले कदमों को अंतिम रूप देने में जुटा है। शहबाज ने यह भी कहा कि कुछ ताकतें इस समझौते को बिगाड़ने के लिए गलत सूचनाएं फैला रही हैं, लेकिन इसके बावजूद शांति अब पहले से कहीं ज्यादा करीब है। पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा ट्रंप की प्रतिक्रिया को लेकर हो रही है। ट्रंप ने अराघची के पोस्ट को रीपोस्ट किया। अमेरिकी राजनीति और कूटनीति में ट्रंप की इस प्रतिक्रिया को एक तरह का अप्रत्यक्ष समर्थन माना जा रहा है। ट्रंप पहले भी यह कह चुके हैं कि अमेरिका ने ईरान के साथ ‘बहुत बड़ी सेटलमेंट’ कर ली है और अगले कुछ दिनों में इसका आधिकारिक ऐलान हो सकता है। ईरानी विदेश मंत्री ने एक इंटरव्यू में कहा कि समझौता फाइनल होने के बाद इसे दोनों देशों में डिजिटल तरीके से साइन किया जाएगा। इसके बाद आधिकारिक घोषणा की जाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस समझौते के बाद दोनों देश एक-दूसरे के खिलाफ किसी नए युद्ध की शुरुआत नहीं करेंगे। ईरान ने यह भी दावा किया कि समझौते में लेबनान को लेकर भी बड़े प्रावधान शामिल हैं। इसके तहत इजरायल को कब्जे वाले क्षेत्रों से पीछे हटना पड़ सकता है और हिज्बुल्लाह को लेकर भी नई सुरक्षा व्यवस्था बनाई जा सकती है। यानी यह सिर्फ अमेरिका और ईरान की डील नहीं है। इसका असर पूरे मिडिल ईस्ट की राजनीति पर पड़ सकता है। अगर यह समझौता लागू होता है तो इजरायल, लेबनान, खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया के कई समीकरण बदल सकते हैं। सिराज/ईएमएस 14 जून 2026