तेहरान (ईएमएस)। अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद, ईरान की अर्थव्यवस्था लंबे समय तक इसलिए मजबूत बनी रही क्योंकि चीन ने उससे बड़ी मात्रा में तेल खरीद रहा था। लेकिन अब ईरान के लिए हालात बदल गए हैं। चीन ने ईरानी तेल की खरीद काफी कम कर दी है, जिससे ईरान पर भारी आर्थिक दबाव आ गया है। घटती मांग और अमेरिका की बढ़ती सख्ती ने स्थिति को और गंभीर किया है। चीन की स्वतंत्र टीपॉट रिफाइनरियां लगातार आर्थिक नुकसान झेल रही हैं, इसकारण उन्होंने ईरानी तेल की खरीद में कटौती की है और अपनी उत्पादन क्षमता भी घटाई है। वहीं, हाल के अमेरिकी प्रतिबंधों ने चीनी खरीदारों को ईरान के साथ व्यापार करने को लेकर सतर्क किया है। इसका सीधा असर यह हुआ है कि ईरान को अब अपने तेल की कीमतें कम करनी पड़ रही हैं, ताकि खरीदार आकर्षित हों। आंकड़ों के अनुसार, मई में ईरान से चीन को कच्चे तेल की आपूर्ति घटकर सिर्फ 1.6 लाख बैरल प्रतिदिन रह गई, जबकि फरवरी में यह 18 लाख बैरल प्रतिदिन थी। यह एक बड़ा झटका है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी ने भी आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है, खासकर फारस की खाड़ी में। कंसल्टेंसी फर्म का अनुमान है कि मई में ईरान का कोई भी तेल होर्मुज जलमार्ग से बाहर नहीं गया। सिंगापुर स्थित जेटीडी एनर्जी सर्विसेज के मुख्य रणनीतिकार जॉन ड्रिस्कॉल के अनुसार, यह ईरान के तेल व्यापार के सामने अब तक की सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि यह पहली बार है जब आर्थिक प्रतिबंधों के बजाय एक भौतिक अवरोध लगाया गया है। एनालिटिक्स फर्म केप्लर के मुताबिक, नाकाबंदी शुरू होने के बाद से करीब 5.7 करोड़ बैरल ईरानी तेल जहाजों में फंसा हुआ है। चीनी रिफाइनरियां, जो पहले ईरान के कुल तेल निर्यात का लगभग 90 प्रतिशत खरीदती थीं, अब घाटे और घरेलू भंडार बढ़ने के कारण कम उत्पादन कर रही हैं। एनर्जी एसपेक्ट्स का अनुमान है कि जून में ये रिफाइनरियां अपनी प्रोसेसिंग क्षमता में 2 लाख बैरल प्रतिदिन की और कटौती करेंगी। इसके साथ ही, रूसी तेल का सस्ता विकल्प भी चीन के पास मौजूद है, जिससे उस पर ईरान से तेल खरीदने का कोई खास दबाव नहीं है। अमेरिका द्वारा एक बड़ी चीनी रिफाइनरी, हेंगली पेट्रोकेमिकल पर हालिया प्रतिबंध ने भी चीनी खरीदारों की सतर्कता बढ़ा दी है। इस सबके चलते पिछले महीने ईरान का तेल उत्पादन 19 प्रतिशत गिर गया है, और तेल निर्यात से होने वाली आय पर भी दबाव बढ़ रहा है। आशीष/ईएमएस 14 जून 2026