14-Jun-2026
...


- महिला सैनिक नहीं लगा पाएंगी लिपिस्टिक, नियमों में बदलाव नई दिल्ली(ईएमएस)। भारतीय सेना ने औपनिवेशिक काल और गुलामी के दौर की पुरानी परंपराओं को पीछे छोड़ते हुए अपनी यूनिफॉर्म और ग्रूमिंग (रहन-सहन) नियमों में बड़े ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। नए नियमों के तहत अब सैनिकों की मूंछों का आकार 12 सेंटीमीटर से अधिक नहीं होना चाहिए। वर्दी में रहते हुए डियोड्रेंट या परफ्यूम लगाने पर पाबंदी होगी, हालांकि आफ्टर-शेव लोशन का उपयोग किया जा सकता है। महिला सैन्य अधिकारियों के लिए लिपस्टिक, रंगीन नेल पॉलिश, बिंदी और नोज पिन पहनने पर सख्त रोक लगाई गई है। महिला कर्मी सिंदूर लगा सकती हैं, बशर्ते वह बेरेट या पीक कैप पहनने के बाद बाहर से दिखाई न दे। नए मैनुअल में सैनिकों के रहन-सहन और ग्रूमिंग के मानकों को भी कड़ाई से परिभाषित किया गया है। शरीर पर टैटू बनवाने, बॉडी पियर्सिंग और वर्दी में किसी भी प्रकार का ब्रेसलेट पहनने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। केवल पूजा के दिन कलाई पर कलावा बांधने की छूट होगी। सिख सैनिकों को छोड़कर किसी भी अन्य सैनिक को धार्मिक चिह्न प्रदर्शित करने की अनुमति नहीं है। चमकीली पाउच बेल्ट को मेस ड्रेस नंबर 5 और 6 से हटा दिया गया है। ये ड्रेस राष्ट्रपति भवन, राजभवन के राजकीय कार्यक्रमों या प्रधानमंत्री और सेना कमांडरों के आवासों पर आयोजित होने वाले औपचारिक भोज के दौरान पहनी जाती हैं। हालांकि, बख्तरबंद कोर, मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री, आर्टिलरी रेजिमेंट, राइफल रेजिमेंट और सिग्नल्स कोर के कर्नल रैंक तक के अधिकारी अभी भी रेजिमेंटल कार्यक्रमों में इसे पहन सकेंगे। फॉर्मल कार्यक्रमों में बंद गले की बंडी जैकेट पहनने की मंजूरी दे दी गई है, जबकि लंबे समय से चली आ रही पारंपरिक पाउच बेल्ट को पूरी तरह से हटा दिया गया है। इसके अलावा, परेड के दौरान समीक्षा अधिकारियों के लिए तलवार ले जाने की अनिवार्यता को भी अब पूरी तरह वैकल्पिक बना दिया गया है। ये सभी महत्वपूर्ण बदलाव सेना द्वारा जारी आर्मी यूनिफॉर्म्स-2026 नाम के एक नए 174 पन्नों के मैनुअल में विस्तृत रूप से दिए गए हैं। इससे पहले सेना ने करीब आठ साल पहले अपनी वर्दी को लेकर ऐसा कोई व्यापक और बड़ा मैनुअल जारी किया था। वर्दी में किए गए मुख्य बदलावों की बात करें तो अधिकारियों को पहली बार औपचारिक आयोजनों में बंद गले की बंडी जैकेट पहनने की अनुमति दी गई है, जिसे पूरी आस्तीन की शर्ट के ऊपर पहना जा सकता है। यह जैकेट ठोस और सौम्य रंग की होगी, जिसे बिना हुक या हुक के साथ पहना जा सकेगा। वहीं महिला अधिकारियों को सौम्य रंगों की साड़ी, कुर्ता-सलवार या दुपट्टे के साथ टखने तक की सीधी पैंट पहनने की अनुमति दी गई है। हालांकि, स्लीवलेस कुर्ते, प्लाजो और सिगरेट पैंट जैसे कैजुअल कपड़ों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके अलावा सेना ने सभी रैंकों के लिए एक नई विंटर ड्रेस पेश की है, जिसमें अंगोला शर्ट के साथ बैटल जैकेट और बेरेट (टोपी) शामिल है। वीरेंद्र/ईएमएस/14जून2026