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16-Jun-2026
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-यस बैंक से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी लोन ट्रांसफर मामले में कार्रवाई मुंबई,(ईएमएस)। यस बैंक से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी लोन ट्रांसफर मामले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने मुंबई, खंडाला और नई दिल्ली में 17 स्थानों पर छापे मारे। जांच का केंद्र उन सौदों पर है, जिनमें संकटग्रस्त संपत्तियों को कम कीमत पर हासिल करने, फर्जी दावों और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के जरिए फायदा पहुंचाने के आरोप हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईडी के मुंबई जोनल ऑफिस-1 ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है। यह कार्रवाई मुंबई, खंडाला और नई दिल्ली में एक साथ की गई। जांच एजेंसी ने कुल 17 स्थानों पर छापेमारी कर अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाने की कोशिश की। मामला यस बैंक और कुछ एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों के बीच मिलीभगत से जुड़ा हुआ है। ईडी ने जिन संस्थाओं और लोगों के परिसरों पर छापेमारी की है, उनमें सुरक्षा एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड, सुरक्षा रियल्टी लिमिटेड, ख्याति रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड और इनके प्रमोटर, निदेशक और कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा यस बैंक के एक पूर्व कर्मचारी को भी जांच के दायरे में लिया गया है। एजेंसी को शक है कि इन संस्थाओं और व्यक्तियों की भूमिका संदिग्ध वित्तीय लेनदेन में रही हो सकती है। जांच का मुख्य आधार यस बैंक के एक बड़े लोन खाते से जुड़ा है। ईडी के मुताबिक वित्त वर्ष 2016-17 और 2017-18 में मैसर्स मैकस्टार मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के लोन और इस तरह के अन्य कर्ज खातों के असाइनमेंट में कअनियमितताएं हुई थीं। आरोप है कि इन लोन खातों को ऐसे तरीके से ट्रांसफर किया गया, जिससे कुछ पक्षों को अनुचित लाभ पहुंचाया जा सके। अब एजेंसी इस पूरे वित्तीय ढांचे की गहराई से जांच कर रही है। ईडी को शक है कि कुछ एआरसी और यस बैंक के बीच मिलीभगत के तहत सर्कुलर ट्रांजैक्शन किए गए। इन लेनदेन के जरिए संकटग्रस्त परिसंपत्तियों पर धोखाधड़ी से नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की गई। जांच एजेंसी यह भी देख रही हैं कि कहीं नीलामी के दौरान संपत्तियों का मूल्य जानबूझकर कम तो नहीं आंका गया था। इसके साथ ही फर्जी या बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए दावों की भी जांच की जा रही है। ईडी की जांच राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण की कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस से जुड़े पहलुओं तक पहुंच गई है। ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं लेनदारों के वोटिंग अधिकारों का गलत इस्तेमाल तो नहीं हुआ और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता प्रभावित तो नहीं की गई। तलाशी अभियान का उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े ठोस सबूत जुटाना है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है। सिराज/ईएमएस 16जून26