राष्ट्रीय
29-Aug-2025


-करीब एक साल पहले उज्जैन विकास प्राधिकरण ने पट्टे कर दिए खत्म उज्जैन,(ईएमएस)। मध्य प्रदेश के उज्जैन विकास प्राधिकरण ने महाकाल मंदिर के पास स्थित एक अवैध निर्माण को गिरा दिया है। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल और नगर निगम के कर्मचारी मौजूद थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक थाना प्रभारी ने बताया कि उज्जैन में बेगमबाग क्षेत्र है, जहां उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा मकान तोड़े जा रहे हैं। वहां पुलिस बल तैनात है। करीब 50 पुलिस अधिकारी वहां तैनात किए गए हैं। उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ ने कहा कि यह भूखंड उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित आवासीय योजना का हिस्सा है। सामने वाली सड़क पर सभी पट्टे शुरू में आवासीय उपयोग के लिए थे, लेकिन लोगों ने उनका उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया, जो नियमों के विरुद्ध है। करीब एक साल पहले, उज्जैन विकास प्राधिकरण ने पट्टे खत्म कर दिए, जिसके बाद संरचनाएं अवैध निर्माण बन गईं। बाद में, कानूनी आदेश जारी किए गए। शुक्रवार को मकान नंबर 19, जो दो खंडों में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयोग किया जाता था, उसे तोड़ दिया गया। नगर निगम के उपायुक्त ने कहा कि हमें यूडीए द्वारा मशीनरी और सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था, जिसे हमने तैनात कर दिया है, जिसमें 2 जेसीबी, 2 पोकलेन और एक डम्पर शामिल हैं। करीब 60-70 कर्मचारी यहां काम कर रहे हैं। हम यहां हो रहे काम में सहयोग कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में शिप्रा नदी के तट पर स्थित रामघाट मंदिर लगातार हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने से जलमग्न हो गए। नदी का जलस्तर बढ़ने का यह संयोग ऋषि पंचमी के अवसर पर हुआ, जिस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी, जिसके चलते घाटों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। एसडीआरएफ के जवान ने बताया कि भारी बारिश के कारण शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी पर बने छोटे पुल पर जलस्तर करीब 2-3 फीट है। ऋषि पंचमी के कारण भीड़ भी है। सिराज/ईएमएस 29अगस्त25