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31-Aug-2025
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-आईटीआर के ताजा आंकड़ों से साफ हुआ ट्रेंड सौरभ जैन अंकित मुंबई (ईएमएस)। वित्त वर्ष 2024-25 के इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) के ताजा आंकड़ों ने भारत की आय असमानता को उजागर कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में जहां 10 करोड़ रुपए सालाना से ज्यादा कमाने वाले लोगों की संख्या में रिकॉर्ड 73% की बढ़ोतरी हुई है, वहीं 5–10 लाख रुपए सालाना कमाने वाले मध्यमवर्गीय टैक्सपेयर्स की वृद्धि सिर्फ 11% पर सिमट गई है। देश में अब तक कुल 13.30 करोड़ लोग इनकम टैक्स दे रहे हैं, जिनमें से अब तक 3.30 करोड़ लोगों ने रिटर्न फाइल किया है। आंकड़े बताते हैं कि देश की अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है, लेकिन इसका फायदा मुख्य रूप से हाई-इनकम ग्रुप को ही मिल रहा है। - हाई-इनकम ग्रुप में जबरदस्त उछाल 10 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाने वाले: 73.57% बढ़कर 10,088 हो गए। 5–10 करोड़ आय वाले: 66.96% की वृद्धि। 1 करोड़ से ऊपर कमाने वाले कुल मिलाकर: 49.3% बढ़े। -मध्यमवर्गीय आय वालों की धीमी रफ्तार 10–50 लाख कमाने वाले: सिर्फ 17.43% बढ़े। 5–10 लाख आय वाले: मात्र 11.09% की बढ़ोतरी। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि देश में स्टार्टअप्स के यूनिकॉर्न बनने और शेयर बाजार में तेजी ने हाई-इनकम ग्रुप की आय में बड़ी छलांग लगाई है। लेकिन, मध्यमवर्ग और छोटे टैक्सपेयर्स की आमदनी लगभग ठहरी हुई है, जिससे आर्थिक असमानता और बढ़ने का खतरा है। इस आकड़ों से साफ़ है कि भारत में “अमीर और अमीर, गरीब और गरीब” वाला फासला और बढ़ता जा रहा है।