नई दिल्ली (ईएमएस)। डॉक्टर अक्सर जीभ देखकर ही कई बीमारियों और कमी का अंदाजा लगा लेते हैं। जीभ शरीर की सेहत का आईना मानी जाती है। खासतौर पर विटामिन-बी12 की कमी के संकेत जीभ पर बहुत स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगते हैं। यह कमी न केवल जीभ के रंग और बनावट को बदल देती है, बल्कि कई बार दर्द, सूजन और स्वाद की क्षमता को भी प्रभावित करती है। सबसे आम संकेतों में से एक है जीभ का सामान्य से अधिक लाल और चमकीला दिखना। चिकित्सा भाषा में इसे ग्लोसाइटिस कहा जाता है। विटामिन-बी12 की कमी से जीभ की कोशिकाएं तेजी से नष्ट होती हैं, जिसके चलते उसकी सतह चिकनी और बिना स्वाद कलिकाओं वाली दिखाई देती है। कई बार व्यक्ति को ऐसा लगता है कि जीभ पतली हो गई है या उसका रंग बहुत चमकदार लाल हो गया है। इसके अलावा, जीभ में जलन, चुभन, सुई जैसी टीस या सूजन होना भी बी12 की कमी का प्रमुख संकेत है। गर्म भोजन या पेय पदार्थ लेने पर यह जलन और बढ़ सकती है। कई मरीजों में बोलने में लड़खड़ाहट या शब्द स्पष्ट न निकलने जैसी समस्या भी दिखाई देती है, क्योंकि जीभ सामान्य से अधिक संवेदनशील और सूजी हुई हो जाती है। कमजोर इम्यूनिटी के कारण ओरल इंफेक्शन बढ़ जाते हैं, जिससे यह समस्या और गंभीर हो सकती है। इन लक्षणों के साथ शरीर में अत्यधिक थकान, चक्कर आना, हाथ-पैर में झनझनाहट, धड़कन तेज होना, त्वचा पीली पड़ना और बालों का झड़ना जैसे संकेत भी दिखाई देते हैं। अगर जीभ पर इनमें से कोई भी लक्षण दिखने लगें, तो तुरंत विटामिन-बी12 की जांच करवाना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार बी12 सप्लीमेंट, इंजेक्शन या आहार में सुधार करके इसे नियंत्रित किया जा सकता है। विटामिन-बी12 से भरपूर खाद्य पदार्थों में दूध, दही, पनीर, अंडे, मछली, चिकन, फोर्टिफाइड सीरियल और फोर्टिफाइड सोया मिल्क शामिल हैं। नियमित रूप से इनका सेवन करने से बी12 की कमी को आसानी से पूरा किया जा सकता है और जीभ से जुड़े लक्षण भी धीरे-धीरे सुधर जाते हैं। विटामिन-बी12 की कमी से मुंह के अंदर छोटे घाव या दर्दनाक अल्सर बनना भी आम बात है। बार-बार होने वाले ये छाले खाने-पीने को मुश्किल बना देते हैं। स्वाद फीका लगने लगता है और कई बार बिल्कुल महसूस नहीं होता। जीभ पर सफेद या पीले पैच बनना भी इसका हिस्सा हो सकता है। सुदामा/ईएमएस 30 नवंबर 2025