राष्ट्रीय
30-Nov-2025
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राशियों के आधार पर अंतिम संस्कार इटावा (ईएमएस)। उत्तर प्रदेश के इटावा में दुनिया का सबसे अनूठा मुक्तिधाम बना है। यहां पर अंतिम संस्कार वाराणसी के मनिकनिर्णका घाट से लाई गई अग्नि के माध्यम से की जाती है। इस मुक्तिधाम का निर्माण 2017 में किया गया था। यहां पर जो भी शव अंतिम संस्कार के लिए लाये जाते हैं। उनका नाम ओर राशियों के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाता है। इसके लिए 12 मंडप बनाए गए हैं। हर मंडप में चार-चार चबूतरे तैयार किए गए हैं। हर मंडप में नाम और राशि का उल्लेख किया गया है। अंतिम संस्कार के लिए जो शव आते हैं। उनका अंतिम संस्कार उनकी ही राशि के मंडप में होता है। इस मुक्तिधाम में लकड़ी मुफ्त उपलब्ध कराई जाती है। परिजन जो दान में देना चाहते हैं। वह दान करते हैं। वृंदावन के पागल बाबा आश्रम से जुड़े हुए श्याम सुंदर चौरसिया का कहना है। वह हर पूर्णिमा को वृंदावन जाते हैं। 2014 में उनके छोटे बेटे और बड़ी बहू की मौत एक दुर्घटना में हो गई थी। उसके बाद उन्होंने कारोबार त्याग कर समाज सेवा के काम शुरू कर दिया। उन्होंने इटावा में एक यज्ञशाला का निर्माण कराया है। वहीं रहते हैं, और नियमित पूजा पाठ करते हैं। 2017 में 12 राशियों के हिसाब से मुक्तिधाम तैयार किया। बनारस से वह अग्नि लेकर आए थे। जिसे उन्होंने हवन कुंड में हमेशा जलाकर रखा है। एसजे/ 30 नवम्बर/2025