नई दिल्ली,(ईएमएस)। चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रोग्राम की समय सीमा एक सप्ताह के लिए बढ़ाकर 14 फरवरी तक कर दी है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जबकि संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार 1 दिसंबर से शुरू हो रहा है। संसद में एसआईआर को लेकर हंगामा होने की संभावना लगातार जताई जा रही है। इससे पहले चुनाव आयोग ने अपने तीन पन्नों के आदेश में बताया कि पोल अधिकारियों को वोटरों की ड्राफ्ट लिस्ट पब्लिश करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। पहले यह प्रक्रिया 4 दिसंबर तक पूरी होनी थी और ड्राफ्ट लिस्ट 9 दिसंबर को जारी होनी थी। अब वोटर लिस्ट की गिनती 11 दिसंबर तक खत्म होगी, जबिक ड्राफ्ट लिस्ट 16 दिसंबर को जारी होगी और फाइनल वोटर लिस्ट 14 फरवरी 2026 को पब्लिश की जाएगी। समय सीमा बढ़ाने का कारण बीएलओ पर बढ़ते दबाव को बताया जा रहा है। विपक्षी पार्टियों, खासकर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात कर एसआईआर प्रक्रिया को रीशेड्यूल करने का आग्रह किया था। उनका कहना था कि यह काम घर-घर जाकर पूरा किया जा रहा है और अधिकारियों पर बहुत तंग शेड्यूल में अत्यधिक दबाव है। रिपोर्ट्स में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से अनेक बीएलओ की आत्महत्या की खबरें भी सामने आई हैं। चुनाव आयोग ने अनुमान लगाया है कि एसआईआर एक्सरसाइज के तहत ड्राफ्ट लिस्ट से लगभग 35 लाख वोटर्स हटाए जा सकते हैं। इसमें 18.70 लाख मृतक वोटर्स, डुप्लीकेट वोटर्स, ऐसे वोटर्स जिनका पता नहीं चल पा रहा है और वे लोग शामिल हैं जो स्थायी रूप से किसी अन्य राज्य में चले गए हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य वोटर लिस्ट को सटीक और विश्वसनीय बनाना है, ताकि अगले साल होने वाले चुनावों में गड़बड़ी की संभावना कम हो। आयोग ने अधिकारियों और जनता से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सहयोग दें और आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा करें। हिदायत/ईएमएस 30नवंबर25