-रहेगा वित्त और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस नई दिल्ली,(ईएमएस)। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार 1 दिसंबर से शुरू होकर 19 दिसंबर तक चलने वाला है। कुल 15 बैठकों वाले इस सत्र में सरकार कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश करने की योजना पर कार्य कर रही है। इन महत्वपूर्ण बिलों में दिवाला कानून, बीमा कानून, सिक्योरिटीज मार्केट, कॉर्पोरेट कानून, राष्ट्रीय राजमार्ग, उच्च शिक्षा आयोग, एटॉमिक एनर्जी, जीएसटी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सेस बिल शामिल हैं। इसके अलावा, फाइनेंशियल बिजनेस के तहत पूरक अनुदान मांगों पर चर्चा और अनुमोदन भी किया जाएगा। शीतकालीन सत्र से पहले सरकार ने रविवार को सभी दलों की बैठक बुलाई, जिसमें इस बार के विधायी एजेंडा पर चर्चा हुई। विपक्ष इस दौरान चुनावी रोल संशोधन (एसआईआर), दिल्ली ब्लास्ट और विदेश नीति से जुड़े मुद्दों को उठाने की तैयारी में है, लेकिन सरकार का फोकस विधायी कार्यों पर रहेगा। सरकार द्वारा इस सत्र में पेश किए जाने वाले प्रमुख बिलों में जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2025, इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) (संशोधन) विधेयक, 2025, नेशनल हाइवेज (संशोधन) विधेयक, 2025, कॉरपोरेट लॉज (संशोधन) बिल, 2025, सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल, 2025, इंश्योरेंस लॉज (संशोधन) बिल, 2025, एटॉमिक एनर्जी बिल, 2025, हायर एजुकेशन कमिशन ऑफ इंडिया बिल, 2025 और आर्बिट्रेशन एंड कंसिलिएशन (संशोधन) बिल, 2025 शामिल हैं। इन बिलों के साथ ही, वर्ष 2025-26 के लिए प्रथम पूरक अनुदान मांगें भी संसद में पेश और अनुमोदित की जाएंगी। हिदायत/ईएमएस 30नवंबर25