राज्य
03-Dec-2025
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वडोदरा (ईएमएस)| सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय एकता पदयात्रा जब वडोदरा जिले से गुजर रही थी, तब उसके सातवें दिन साधली में एक भव्य ‘सरदार सभा’ का आयोजन किया गया। इस सभा में भारत के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की विशेष उपस्थिति रही। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने उपस्थित जनसमूह और पदयात्रियों को संबोधित किया। मंच पर पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्करसिंह धामी भी उपस्थित रहे। अपने उद्बोधन में मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल की 150वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में दो वर्षों के विशेष समारोह निर्धारित किए हैं ताकि देश इन दो वर्षों में सरदार साहब के जीवन से परिचित हो सके और देश को एकता के सूत्र में बाँधने वाले उनके कार्य युवा पीढ़ी को प्रेरणा दे सकें। इसी उद्देश्य से देश के 750 से अधिक जिलों में 1500 से अधिक एक दिवसीय पदयात्राओं का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि यह पदयात्रा सरदार पटेल के पैतृक गांव करमसद से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (एकता नगर) तक 150 किलोमीटर की अंतिम चरण यात्रा है। पदयात्रा के सातवें दिन यह वडोदरा जिले से गुजरते हुए 80 किलोमीटर की दूरी पूरी कर चुकी है। मांडविया स्वयं भी तीन दिनों तक इस पदयात्रा में शामिल रहे और उन्होंने देश भर से आए असंख्य युवाओं, महिलाओं तथा गुजरात के दूर-दराज़ क्षेत्रों से जुड़ते हजारों युवा प्रतिभागियों का उत्साह देखा। उन्होंने बताया कि पदयात्रा जहां-जहां से गुजरी, जनता ने वहां उसका उत्साहपूर्वक स्वागत किया। बड़ी संख्या में लोग स्वैच्छिक रूप से यात्रा में शामिल हुए। किसानों ने भी अनोखे रूप से योगदान देते हुए अपने खेतों में उगे केले और जामफल यात्रियों को खिलाकर स्वागत किया। यात्रा के दौरान किसानों ने प्राकृतिक खेती का प्रदर्शन कर ‘आत्मनिर्भर भारत’ का संदेश दिया, और कॉलेजों के अनेक युवा भी उत्साहपूर्वक जुड़े। मांडविया ने जोर देकर कहा कि यह पदयात्रा राष्ट्र को एकता का संदेश दे रही है और कई स्थानों पर 5,000 से 7,000 लोग एक साथ कदम से कदम मिलाते नजर आए। यह पदयात्रा ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के प्रधानमंत्री के स्वप्न को साकार कर रही है। सतीश/03 दिसंबर