खेल
28-Dec-2025
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नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय मुक्केबाजों के लिए साल 2025 मिश्रित सफलताओं वाला रहा। सबसे बड़ी सफलता मुक्केबाजों को वर्ल्ड चैंपियनशिप, लिवरपूल में मिली। यहां जैस्मिन (57 किग्रा) और मीनाक्षी (48 किग्रा) ने स्वर्ण पदक हासिल किये। इसके अलावा पूजा रानी ने 80 किग्रा और नुपुर शेरोन ने 80 किग्रा में कांस्य और रजत पदक जीते थे। पुरुष टीम की ओर से धर्मेंद्र यादव और महिला टीम के लिए डी चंद्रलाल। ब्राज़ील और कज़ाखस्तान में वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में अच्छा प्रदन किया। सम्मानजनक प्रदर्शन किया। वहीं कुछ अच्छे मुक्केबाजों ने निराश किया। इसमें निखत जरीन और लवलीन बोरगोहैन जैसे मुक्केबाज रहीं हैं। पुरुष टीम विश्व चैंपियनशिप से खाली हाथ लौटी हालांकि युवा मुक्केबाज अभिनाश जमवाल, सचिन सिवाच और पवन बर्तवाल ने अच्छा प्रदर्शन कर भविष्य के लिए उम्मीदें जगायीं। भारत ने वर्ल्ड कप फाइनल्स की मेजबानी करते हए रिकॉर्ड 9 स्वर्ण सहित 20 जीते। इसके बाद पूर्व हाई-परफॉर्मेंस डायरेक्टर सेंटियागो नीवा को महिला टीम का कोच बनाया गया। वहीं इस साल कई विवादों से भी मुक्केबाजी महासंध घिरा रहा। साल की शुरुआत में अफरातफरी रही , फेडरेशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने सचिव हेमंता कलिता और कोषाध्यक्ष दिग्विजय सिंह को निलंबित किया, जिसके बाद मामला अदालत में पहुंच गया। इस संघर्ष के कारण सीनियर महिला नेशनल चैम्पियनशिप भी कई बार स्थगित हुई और मार्च में विवादों के बीच आयोजित हुई। इसके बाद विश्व मुम्केबाजी संघ के हस्तक्षेप से मामला हल हुआ। गिरजा/ईएमएस 28 दिसंबर 2025