बेंगलुरु (ईएमएस)। बेंगलुरु में एक बड़ा और गर्व का पल हो रहा है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के उन्नत लाइट हेलीकॉप्टर ध्रुव-न्यू जनरेशन (एनजी) ने अपनी पहली उड़ान सफलतापूर्वक पूरी कर ली। इससे भारत की हवाई ताकत और बढ़ गई है। यह उड़ान ध्रुव प्लेटफॉर्म को सिविल और निर्यात बाजारों में नई ताकत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एचएएल की ओर से डिजाइन और निर्मित ध्रुव एनजी एक 5.5 टन वजनी, हल्का, ट्विन-इंजन वाला बहु-उद्देशीय हेलीकॉप्टर है। यह मौजूदा ध्रुव प्लेटफॉर्म पर आधारित है, लेकिन इसमें सुरक्षा, प्रदर्शन, उड़ान की सुगमता और यात्रियों के आराम पर खास ध्यान रखा गया है। इसके साथ ही, भारतीय परिस्थितियों के लिए जरूरी ऊंचाई और गर्म मौसम में उड़ान की क्षमता बरकरार रखी गई है। ध्रुव एनजी के केंद्र में दो शक्ति 1एच1सी इंजन लगे हैं। ये पूरी तरह स्वदेशी हैं। ये इंजन ज्यादा पावर देते हैं और देश में ही मेंटेनेंस और सपोर्ट की सुविधा उपलब्ध कराते हैं। एचएएल का कहना है कि शक्ति इंजनों के इस्तेमाल से आत्मनिर्भरता मजबूत होती है और सिविल ऑपरेटरों के लिए लंबे समय तक चलने वाले खर्च कम हो जाते हैं। इस हेलीकॉप्टर में सिविल सर्टिफाइड ग्लास कॉकपिट है, जो एएस4 मानकों पर खरा उतरता है। इसमें आधुनिक एवियोनिक्स और नेविगेशन सिस्टम लगे हैं, जो पायलट को बेहतर स्थिति जागरूकता देते हैं और उनका काम आसान बनाते हैं। ध्रुव एनजी में आम नागरिक भी सफर कर सकते हैं। इसमें सुरक्षा के लिए कई नए फीचर हैं। इसमें क्रैशवर्थी सीटें, सेल्फ-सीलिंग फ्यूल टैंक और ट्विन-इंजन सेटअप शामिल है। ध्रुव एनजी में उड़ान की सुगमता पर विशेष ध्यान दिया गया है। एडवांस्ड वाइब्रेशन कंट्रोल सिस्टम लगाए गए हैं। यह खास तौर पर वीआईपी ट्रांसपोर्ट और इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज जैसे कामों के लिए फायदेमंद है। ध्रुव एनजी का अधिकतम टेकऑफ वजन 5,500 किलोग्राम है। इसकी टॉप स्पीड करीब 285 किलोमीटर प्रति घंटा है और रेंज लगभग 630 किलोमीटर (20 मिनट रिजर्व के साथ)। यह तीन घंटे 40 मिनट तक उड़ सकता है और 6,000 मीटर की ऊंचाई तक जा सकता है। अंदरूनी पेलोड क्षमता करीब 1,000 किलोग्राम है। कैबिन का वॉल्यूम 7.33 क्यूबिक मीटर है और इसे कई सिविल भूमिकाओं के लिए आसानी से बदला जा सकता है। वीआईपी या वीवीआईपी ट्रांसपोर्ट के लिए 4 से 6 यात्रियों की सीटिंग, कम्यूटर लेआउट में 14 यात्रियों तक की जगह या एयर एम्बुलेंस के लिए चार स्ट्रेचर, एक डॉक्टर और अटेंडेंट की व्यवस्था की जा सकती है। आशीष/ईएमएस 31 दिसंबर 2025