मनोरंजन
01-Jan-2026
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मुंबई (ईएमएस)। भारतीय सिनेमा के दिग्गज कपूर परिवार से ताल्लुक रखने वाले, दिवंगत अभिनेता शशि कपूर के बेटे कुणाल कपूर का मानना है कि जब वे अपने घर आने वाले शाकाहारियों को शाकाहारी खाना परोसते हैं, तो उन्हें किसी शाकाहारी के घर जाने पर मांसाहारी खाना क्यों नहीं दिया जाता है। कुणाल कपूर ने कहा, मुझे लगता है कि शाकाहारी लोग नस्लवादी होते हैं। एक्टर, फिल्ममेकर और थिएटर प्रेमी कुणाल कपूर ने कहा है कि वे शाकाहारियों को तिरस्कार की नजर से देखते हैं। यह बात कुणाल ने एक पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान कही। पूजा, आलिया भट्ट की बड़ी बहन हैं, जिनकी शादी रणबीर कपूर से हुई है, वो कुणाल के भतीजे हैं। पूजा ने शाकाहारी फ्रांसीसी खाने का जिक्र करने पर कुणाल से पूछा, तो क्या मैं नस्लवादी हूं? कुणाल ने कहा, हां, तुम हो, क्योंकि तुम मुझे मांसाहारी खाने से इनकार करती हो। मेरे यहां शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह का खाना मिलता है। लेकिन जब मैं किसी शाकाहारी के घर जाता हूं, तो वो मुझे मांसाहारी खाना नहीं देता। लेकिन अपने घर में, मैं उसे दावत देता हूं। मैं उसे शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह का खाना देता हूं। पूजा हंसती रहीं। अभिनेता शशि कपूर और जेनिफर केंडल के बेटे कुणाल ने कॉनरैड रूक्स की 1972 में आई इंडो-अमेरिकन फिल्म सिद्धार्थ से अपने करियर की शुरुआत की, जिसमें उन्होंने शशि कपूर के बेटे का किरदार निभाया था। उन्होंने श्याम बेनेगल की फिल्म जुनून (1979) में अपने माता-पिता के साथ और इस्माइल श्रॉफ की 1981 की रोमांटिक फिल्म अहिस्ता अहिस्ता में भी काम किया, जिसमें उनके मामा शम्मी कपूर भी थे। उन्होंने गोविंद निहलानी की 1982 की ड्रामा फिल्म विजेता में एक बार फिर शशि कपूर के बेटे का किरदार निभाया। कपूर परिवार खाने-पीने का बहुत शौकीन माना जाता है, खासकर पाया (जानवरों के पैरों से बना सूप) का। खाने के प्रति उनके इस प्यार को नेटफ्लिक्स इंडिया पर आई डॉक्यूमेंट्री डाइनिंग विद द कपूर में दिखाया गया है, जिसे कुणाल के भतीजे अरमान जैन ने प्रोड्यूस किया है। सुदामा/ईएमएस 01 जनवरी 2026