व्यापार
01-Jan-2026


- पिछले साल नवंबर में राजकोषीय घाटा 52.5 प्रतिशत पर था नई दिल्ली (ईएमएस)। केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2025-26 के नवंबर अंत तक 9.76 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो वार्षिक बजट लक्ष्य का 62.3 प्रतिशत है। पिछले साल इसी समय यह 52.5 प्रतिशत था। सरकार ने इस वर्ष राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत यानी 15.69 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान रखा था। नवंबर तक केंद्र की कुल आय 19.49 लाख करोड़ रुपए रही, जो बजट अनुमान का 55.7 प्रतिशत है। इसमें से 13.94 लाख करोड़ रुपए कर राजस्व के रूप में, 5.16 लाख करोड़ रुपए गैर-कर राजस्व से और 38,927 करोड़ रुपए गैर-ऋण पूंजी प्राप्तियों के रूप में आए। विशेषज्ञों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में कर राजस्व अनुमान से लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपए कम रह सकता है। नवंबर तक केंद्र सरकार ने राज्यों को करों में हिस्सेदारी के रूप में 9.36 लाख करोड़ रुपए हस्तांतरित किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.24 लाख करोड़ रुपए अधिक है। यह दर्शाता है कि राज्यों को वित्तीय समर्थन देने में सरकार की प्राथमिकता जारी है। केंद्र सरकार का कुल खर्च नवंबर तक 29.26 लाख करोड़ रुपए रहा, जो वार्षिक बजट का 57.8 प्रतिशत है। इसमें से 22.67 लाख करोड़ रुपए राजस्व मद में और 6.58 लाख करोड़ रुपए पूंजीगत मद में खर्च किए गए। राजस्व खर्च में सबसे बड़ा हिस्सा ब्याज भुगतान (7.45 लाख करोड़) और सब्सिडी (2.88 लाख करोड़) पर गया सतीश मोरे/01जनवरी ---