व्यापार
01-Jan-2026


- डाक कंपनी घर-घर जाकर पत्र नहीं पहुंचाएगी, पार्सल डिलीवरी तथा डिजिटल सेवाओं पर ध्यान देगी डेनमार्क (ईएमएस)। डेनमार्क ने अपनी सरकारी डाक सेवा को पूरी तरह बंद करने का ऐतिहासिक फैसला किया है। यह सेवा साल 1624 से चल रही थी और अब लगभग 400 साल बाद औपचारिक रूप से समाप्त हो चुकी है। डाक कंपनी पोस्टनार्ड ने घोषणा की है कि अब वह घर-घर जाकर पत्र नहीं पहुंचाएगी और केवल पार्सल डिलीवरी तथा डिजिटल सेवाओं पर ध्यान देगी। पिछले 25 वर्षों में कागजी पत्रों की संख्या में 90 प्रतिशत से अधिक कमी आई है। नागरिक अब संवाद के लिए ईमेल, डिजिटल मेलबॉक्स और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं। कम पत्र और बढ़ते खर्च के कारण डाक सेवा कंपनी के लिए यह आर्थिक रूप से बोझ बन गई थी। डेनमार्क की सड़कों की पहचान बने ऐतिहासिक लाल मेलबॉक्स भी हटाए जा रहे हैं। दिसंबर में इन्हें चैरिटी के लिए बेचा गया, शुरुआती कीमत लगभग 1500-2000 डेनिश क्रोनर (करीब 18,000-24,000 रुपये) थी। लोगों ने इन्हें यादों और भावनाओं के चलते ऊंची कीमत पर खरीदा। डेनमार्क अकेला नहीं है। दुनिया के कई विकसित देशों में भी डाक वितरण में बदलाव हो रहे हैं और डिजिटल माध्यम तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि पारंपरिक पत्रों का स्थान अब ईमेल और ऑनलाइन सेवाओं ने ले लिया है। डिजिटल क्रांति ने संवाद के पुराने माध्यम पत्र को धीरे-धीरे इतिहास बना दिया है। डेनमार्क का यह कदम दर्शाता है कि भविष्य में संवाद और डाक सेवाएं पूरी तरह डिजिटल हो सकती हैं। हालांकि, इसके साथ ऐतिहासिक प्रतीकों और भावनात्मक जुड़ाव का एक युग भी समाप्त हो गया है। सतीश मोरे/01जनवरी ---