-सीएम ममता बनर्जी ने टीएमसी के स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं-समर्थकों को दी बधाई कोलकाता,(ईएमएस)। सीएम ममता बनर्जी ने टीएमसी के स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों को बधाई दी और मां-माती-मानुष के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए आम जनता के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि आज भी हमारी पार्टी का हर कार्यकर्ता और समर्थक इस लक्ष्य के प्रति दृढ़ और प्रतिबद्ध है। सीएम ममता ने कहा कि टीएमसी परिवार आज अनगिनत लोगों के आशीर्वाद, प्रेम और प्रार्थनाओं से धन्य है। आपके अटूट समर्थन से ही हमें शक्ति मिलती है और हम इस महान लोकतांत्रिक राष्ट्र में प्रत्येक व्यक्ति के अधिकारों के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। हम किसी भी द्वेषपूर्ण शक्ति के आगे नहीं झुकेंगे और तमाम शत्रुताओं को दरकिनार करते हुए आम जनता के लिए हमारा संघर्ष जीवन भर जारी रहेगा। मैं मां-माती-मानुष परिवार के सभी समर्पित कार्यकर्ताओं और समर्थकों को प्रणाम और सम्मान व्यक्त करती हूं। टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि इस अवसर पर पार्टी जनता के साथ खड़े रहने के अपने संकल्प को दोहराती है। तृणमूल कांग्रेस स्थापना दिवस पर मैं अपने निरंतर बढ़ते परिवार के हरेक सदस्य के प्रति कृतज्ञता से सिर झुकाता हूं। परिवर्तन के आंदोलन के रूप में शुरू हुआ यह सफर आज एक शक्तिशाली लोकतांत्रिक ताकत में तब्दील हो गया है। मैं अपने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का विशेष सम्मान करता हूं। आप ही इस कहानी के रचयिता हैं। आपका अनुशासन, बलिदान और अटूट विश्वास ही हमारी राजनीति को शक्ति प्रदान करता है। जब तक हम अपनी माँ, मति, मानुष के प्रति निष्ठावान रहेंगे, कोई भी शक्ति, चाहे वह कितनी भी अहंकारी या दमनकारी क्यों न हो, बंगाल के सामूहिक संकल्प को पराजित नहीं कर सकती। अपने संकल्प को दोहराते उन्होंने कहा कि बंगाल में किसी को भी बांग्ला-विरोधी जमींदारी शक्तियों द्वारा परेशान, अपमानित या डराया न जाए। बता दें टीएमसी का गठन 1 जनवरी, 1998 को हुआ था, जब बनर्जी ने वैचारिक और राजनीतिक मतभेदों के बाद कांग्रेस से अलग होकर पार्टी बनाई थी। एक नवोदित क्षेत्रीय पार्टी से टीएमसी 2016 में राष्ट्रीय पार्टी बन गई। 2011 में इसने पश्चिम बंगाल में 34 साल के वाम मोर्चा शासन का अंत किया और तब से सत्ता में है, लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीत चुकी है। इस साल का स्थापना दिवस ऐसे समय मनाया जा रहा है जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं क्योंकि राज्य मार्च-अप्रैल 2026 में होने वाले अगले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रहा है। सिराज/ईएमएस 01जनवरी26