- ऑर्गन ट्रांसप्लांट ओटी से गामा नाइफ तक होगा शुरू भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश के हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मॉडर्न ट्रीटमेंट की दिशा में बढ़ रहा है। साल 2026 को ध्यान में रखते हुए एम्स भोपाल ने ऐसी आधुनिक सुविधाएं शुरू करने का ऐलान किया है जो अब तक मरीजों को देश के महानगरों में तलाशनी पड़ती थीं। एम्स में अलग से ऑर्गन ट्रांसप्लांट ऑपरेशन थिएटर, मॉडर्न आईसीयू भवन, नई क्रिटिकल केयर यूनिट, गामा नाइफ मशीन, पेट स्कैन और रोबोटिक सर्जरी व टेस्टिंग केंद्र की शुरुआत इनमें प्रमुख हैं। एम्स भोपाल ने साल 2026 के लिए जो रोडमैप तैयार किया है, वह राजधानी ही नहीं बल्कि पूरे मध्य भारत के लिए अहम माना जा रहा है। नए साल में संस्थान में अलग से अंग प्रत्यारोपण ऑपरेशन थिएटर शुरू किए जाएंगे। इन ओटी में हृदय, फेफड़े, लिवर, किडनी और कॉर्निया जैसे सभी प्रमुख अंगों का प्रत्यारोपण एक ही छत के नीचे संभव होगा। इससे ट्रांसप्लांट से जुड़े जटिल मामलों में समय की बचत होगी और मरीजों की सुरक्षा भी बढ़ेगी। बनेगा चार मंजिला आईसीयू भवन गंभीर मरीजों के बढ़ते दबाव को देखते हुए एम्स भोपाल कैंसर ब्लॉक के पास चार मंजिला मॉडर्न आईसीयू भवन तैयार कर रहा है। यहां हाई एंड मॉनिटरिंग सिस्टम, वेंटिलेटर सपोर्ट और मल्टी डिसिप्लिनरी क्रिटिकल केयर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही नई क्रिटिकल केयर यूनिट शुरू होने से गंभीर मरीजों के लिए बेड क्षमता में वृद्धि होगी। एम्स भोपाल में गामा नाइफ मशीन और पेट स्कैन सुविधा की शुरुआत कैंसर मरीजों के लिए गेमचेंजर साबित होगी। गामा नाइफ तकनीक से बिना चीरा लगाए ब्रेन ट्यूमर और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का सटीक इलाज संभव होगा। वहीं, पीईटी-सीटी स्कैन से कैंसर की शुरुआती पहचान और स्टेजिंग आसान होगी, जिससे समय पर इलाज शुरू किया जा सकेगा। रोबोटिक सर्जरी और ट्रेनिंग सेंटर भी होगा शुरू आधुनिक सर्जरी के क्षेत्र में एम्स भोपाल रोबोटिक सर्जरी और प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने जा रहा है। इससे जटिल सर्जरी अधिक सटीकता और कम जोखिम के साथ की जा सकेंगी। साथ ही युवा डॉक्टरों और सर्जनों को उन्नत तकनीक पर प्रशिक्षण भी मिलेगा, जिससे संस्थान की अकादमिक क्षमता और मजबूत होगी। विनोद / 01 जनवरी 26