* पूर्व अध्यक्ष महिपालसिंह गढ़वी और प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोलंकी ने कहा – गुजरात के भविष्य को नशे से बचाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी अहमदाबाद (ईएमएस)| गुजरात में बढ़ते ड्रग्स और शराब के बेलगाम कारोबार पर रोक लगाने तथा स्कूल-कॉलेज परिसरों को ड्रग्स मुक्त बनाने के संकल्प के साथ एनएसयूआई द्वारा चलाए जा रहे अभियान की जानकारी देते हुए एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष महिपालसिंह गढ़वी ने पत्रकार परिषद को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गुजरात में बिना रोक-टोक चल रहे ड्रग्स के काले कारोबार के खिलाफ एनएसयूआई निर्णायक लड़ाई लड़ेगी। ड्रग्स अब गांवों से लेकर कॉलेजों तक पहुंच चुका है और गुजरात का भविष्य इसकी गिरफ्त में आता जा रहा है। एनएसयूआई अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए यह संघर्ष शुरू कर रही है। “ड्रग्स मुक्त कैंपस” के नारे के साथ यह अभियान शुरू किया जा रहा है। आज कॉलेज परिसरों में ड्रग्स के अलग-अलग प्रकार आसानी से उपलब्ध हैं और ड्रग्स पैडलर रास्ते खोजकर कैंपस तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में 1700 से अधिक ड्रग्स के मामले दर्ज हुए हैं, लेकिन सजा की दर बेहद कम है। सरकार जनता को आंकड़ों के जाल में उलझाने का काम कर रही है। छोटे पैडलरों को पकड़कर आत्मसंतोष कर लिया जाता है, जबकि बड़े मगरमच्छों पर कार्रवाई करने की हिम्मत सरकार में नहीं है। अगर ड्रग्स बंदरगाहों के जरिए आ रहे हैं तो उन पर सख्त कदम उठाए जाएं। बिनवारिस ड्रग्स का जखीरा कैसे मिल सकता है? यह किसका था? यह सवाल आज गुजरात का युवा पूछ रहा है। इस पूरे मामले में गहन जांच की आवश्यकता है। राजीव गांधी भवन में आयोजित पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए गुजरात एनएसयूआई के अध्यक्ष नरेंद्र सोलंकी ने कहा कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि समाज और युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है। नए साल में गुजरात एनएसयूआई का संकल्प “ड्रग्स मुक्त कैंपस” के माध्यम से राज्य और कॉलेज परिसरों को नशामुक्त बनाना है। सभी कैंपस के युवा यह प्रतिज्ञा लेंगे कि “मैं ड्रग्स नहीं लूंगा और न ही किसी को लेने दूंगा।” उन्होंने कहा कि 18 से 25 वर्ष की आयु के युवा तेजी से नशे की चपेट में आ रहे हैं। गुजरात में लगभग 20 लाख युवा ड्रग्स और शराब के आदी हो चुके हैं, जो बेहद चिंताजनक है। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि कल ठाकोरभाई देसाई हॉल में दोपहर 2 बजे ‘ड्रग्स वॉरियर’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 5 से 20 जनवरी तक 1000 से अधिक कैंपसों में एनएसयूआई के वॉरियर जागरूकता अभियान चलाएंगे। विभिन्न कैंपसों में ट्रस्टियों और छात्रों से चर्चा की गई है और कई जगहों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया भी मिली है। हालांकि कुछ लोगों द्वारा कार्यक्रम न करने की बात भी कही गई है, जिस पर सवाल और आश्चर्य दोनों हैं। यह कोई व्यक्तिगत या राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि सभी युवाओं को साथ आना होगा। छात्रों से सीधा संवाद किया जाएगा और अभियान से जुड़े वीडियो युवाओं के साथ-साथ अभिभावकों तक भी पहुंचाए जाएंगे। सतीश/01 जनवरी